'पहले लाठीचार्ज झेलिए, फिर दूंगा इस्तीफा', कर्नाटक के गृहमंत्री प्रियंक खड़गे के बयान से मचा सियासी तूफान
कर्नाटक पुलिस भर्ती परीक्षा को लेकर उठे विवाद के बीच मंत्री प्रियंक खड़गे के इस्तीफे वाले बयान ने सियासी बहस छेड़ दी. बाद में उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी टिप्पणी छात्रों नहीं, बल्कि BJP की राजनीति पर केंद्रित थी.
नई दिल्ली: कर्नाटक पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा को लेकर उठे विवाद ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है. कांग्रेस नेता और राज्य के गृह मंत्री प्रियंक खड़गे ने विपक्ष की इस्तीफे की मांग पर तीखी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि यदि BJP पहले 25 दिन का भूख हड़ताल आंदोलन करे और लाठीचार्ज झेले, तब वह इस्तीफे पर विचार करेंगे. बाद में सोशल मीडिया पर उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका बयान छात्रों के खिलाफ नहीं, बल्कि BJP की राजनीतिक रणनीति पर था.
पुलिस भर्ती परीक्षा में कथित गड़बड़ी को लेकर BJP लगातार प्रियंक खड़गे से इस्तीफे की मांग कर रही है. इसी सवाल पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि यदि BJP 25 दिन तक भूख हड़ताल करे और लाठीचार्ज झेले, तब वह अपने पद से इस्तीफा देने पर विचार करेंगे. उनके इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में नई बहस शुरू हो गई.
सोशल मीडिया पर दी सफाई
बयान पर विवाद बढ़ने के बाद प्रियंक खड़गे ने सोशल मीडिया मंच X पर स्पष्टीकरण जारी किया. उन्होंने कहा कि उनकी टिप्पणी छात्रों के खिलाफ नहीं थी. उनका निशाना केवल BJP की राजनीतिक शैली थी. उन्होंने लिखा कि यदि BJP वास्तव में उनके इस्तीफे की मांग को लेकर आंदोलन करती है, तभी वह इस पर विचार करेंगे.
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भर्ती परीक्षा पर KEA का जवाब
कर्नाटक परीक्षा प्राधिकरण ने भर्ती परीक्षा में गड़बड़ी के आरोपों को खारिज किया है. प्राधिकरण के अनुसार कुछ अभ्यर्थी सोशल मीडिया पर फैली गलत जानकारी से भ्रमित हो गए थे. अफवाह फैलायी गई थी कि OMR शीट और प्रश्नपत्र के नंबर समान होने चाहिए, जबकि नियमों में ऐसी कोई शर्त नहीं है.
सोशल मीडिया अफवाहों से बचने की अपील
KEA ने स्पष्ट किया कि अभ्यर्थियों को केवल प्रश्नपत्र का सीरीज कोड और वर्जन कोड भरना होता है. OMR नंबर और प्रश्नपत्र नंबर का मेल होना अनिवार्य नहीं है. प्राधिकरण ने लोगों से अपील की कि बिना पुष्टि के किसी भी भ्रामक जानकारी को सोशल मीडिया पर साझा न करें.
सरकार ने पारदर्शिता का दोहराया दावा
प्रियंक खड़गे ने यह भी कहा कि राज्य सरकार भर्ती प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए पूरी तैयारी के साथ काम कर रही है. उन्होंने पहले ही स्पष्ट किया था कि परीक्षा में धार्मिक पहनावे पर कोई प्रतिबंध नहीं है और अभ्यर्थियों को अफवाहों से दूर रहना चाहिए. सरकार का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ आगे बढ़ाई जाएगी.