साल 2026 के शुरु हुए महज पांच दिन ही हुए हैं और अपराधी अपना पर फैलाने लगे हैं. दिल्ली में स्कूलों के बाद अब मैसूरु जिला कोर्ट को ईमेल के जरिए बम की धमकी मिली है. खबर मिलते ही अधिकारियों ने सुरक्षा के तौर पर अदालत की कार्यवाही रोक दी. एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी की मानें तो बम निरोधक दस्ते को तुरंत मौके पर भेजा गया और वे परिसर की गहन तलाशी ले रहे हैं.
हालात को देखते हुए परिसर को खाली करा लिया. पुलिस ने बताया कि धमकी के बाद न्यायिक अधिकारियों, वकीलों, मुवक्किलों और अदालत के कर्मचारियों को परिसर से बाहर निकाल लिया गया और अदालत की कार्यवाही अस्थायी रूप से रोक दी गई.
एक अन्य घटनाक्रम में, काशी एक्सप्रेस (15018 डाउन) में बम लगाए जाने की सूचना मिलने के बाद मऊ रेलवे जंक्शन पर दहशत फैल गई, जिसके चलते सुरक्षा एजेंसियों ने ट्रेन को खाली करा लिया और गहन तलाशी अभियान शुरू किया.
अधिकारियों ने बताया कि यह फर्जी धमकी प्रतीत हो रही है और कॉल के स्रोत का पता लगाने के प्रयास किए जा रहे हैं. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सूचना मिलते ही एसपी और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनूप कुमार के नेतृत्व में पुलिस दल थाने पहुंचे.
उन्होंने बताया कि स्थानीय पुलिस, सरकारी रेलवे पुलिस (जीआरपी) और रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) की संयुक्त टीम ने यात्रियों को ट्रेन से निकालकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया.
बम निरोधक दस्ते को सेवा में लगाया गया और सभी डिब्बों की गहन जांच की गई, जबकि एहतियात के तौर पर प्लेटफार्म नंबर एक और आसपास के इलाकों को सील कर दिया गया.
एसपी एलमारन जी ने बताया कि पुलिस नियंत्रण कक्ष को सुबह करीब 9:30 बजे सूचना मिली कि गोरखपुर से मुंबई जा रही काशी एक्सप्रेस में बम है.
इस बीच, अधिकारियों ने 19 दिसंबर को नोएडा में हुई इसी तरह की एक घटना को याद किया, जब कई स्कूलों को बम की धमकी वाले ईमेल मिले थे. अतिरिक्त पुलिस आयुक्त राजीव नारायण मिश्रा के अनुसार, बाद में वे धमकियां झूठी निकलीं. उस समय, पुलिस टीमों, बम स्क्वॉड, डॉग स्क्वॉड और तोड़फोड़ विरोधी इकाइयों ने एहतियात के तौर पर स्कूलों और आस-पास के सार्वजनिक स्थानों, जिसमें मेट्रो स्टेशन और बाजार शामिल थे, की गहन तलाशी ली थी.