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क्या झुक गए डीके शिवकुमार! सिद्धारमैया से मुलाकात के बाद बोले, 'मुझे अपनी लिमिट पता है'

डीके शिवकुमार और सीएम सिद्धारमैया की बैठक के बाद कर्नाटक में नेतृत्व बदलाव की चर्चाएं तेज हैं. शिवकुमार ने मतभेदों से इनकार किया है.

Km Jaya
Edited By: Km Jaya
क्या झुक गए डीके शिवकुमार! सिद्धारमैया से मुलाकात के बाद बोले, 'मुझे अपनी लिमिट पता है'
Courtesy: @ani_digital x account

बंगलुरु: कर्नाटक में सत्ता संतुलन को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने साफ किया है कि उनके और मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के बीच किसी तरह का मतभेद नहीं है. शनिवार को दोनों नेताओं की नाश्ते पर हुई अहम मुलाकात के बाद सियासी अटकलों ने जोर पकड़ लिया था. 

इन चर्चाओं के बीच शिवकुमार ने रविवार को कहा कि पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष के रूप में वह अपनी सीमाएं जानते हैं और कभी भी उन्होंने मुख्यमंत्री के खिलाफ कोई बयान नहीं दिया है. शिवकुमार ने कहा कि उनके और मुख्यमंत्री के बीच किसी तरह का अंतर नहीं है और दोनों मिलकर काम कर रहे हैं. 

आगामी चुनाव की रणनीति पर क्या कहा?

उन्होंने कहा कि कर्नाटक के लोगों की अनेक उम्मीदें हैं और सरकार उन जरूरतों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है. शिवकुमार ने बताया कि 2028 और 2029 के लिए रणनीति तैयार की जा रही है. सरकार कई मुद्दों पर सभी दलों की बैठक बुलाने की तैयारी में है ताकि राज्य के हित में सामूहिक निर्णय लिया जा सके.

बैठक में क्या हुई बातचीत?

मुख्यमंत्री के आवास पर बंद कमरे में  हुई मीटिंग को पार्टी हाईकमान की ओर से दिए गए संकेत का नतीजा बताया जा रहा है. पार्टी के भीतर पावर-शेयरिंग मॉडल पर लंबे समय से चर्चा चल रही है. सूत्रों के अनुसार बैठक में कुछ बातें गतिरोध पर भी पहुंचीं क्योंकि शिवकुमार ने भविष्य में सरकार की बागडोर अपने हाथों में लेने की इच्छा जताई. उन्होंने संगठनात्मक योगदान का हवाला देकर पार्टी नेतृत्व से अवसर देने की मांग रखी.

सिद्धारमैया ने क्या दिया सुझाव?

वहीं सिद्धारमैया ने सुझाव दिया कि 2028 के विधानसभा चुनाव के बाद नेतृत्व परिवर्तन पर विचार किया जा सकता है और किसी भी फैसले पर राहुल गांधी से चर्चा जरूरी होगी. सार्वजनिक रूप से दोनों नेताओं ने मुलाकात को पार्टी और शासन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा बताया और कहा कि मीडिया तथा विपक्ष अफवाहें फैला रहे हैं.

शिवकुमार ने क्या कहा?

शिवकुमार ने कहा कि पार्टी कठिन दौर से गुजर रही है, लेकिन कर्नाटक कांग्रेस के पुनरुद्धार में बड़ी भूमिका निभाएगा और 2028 में 2023 जैसी जीत दोहराई जाएगी. पार्टी के अंदरुनी सूत्रों के अनुसार केंद्रीय नेतृत्व जनवरी में नेतृत्व परिवर्तन पर समीक्षा कर सकता है. जनवरी में सिद्धारमैया राज्य के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने वाले देवराज उर्स के रिकॉर्ड को पार करेंगे, जिसके चलते अटकलें और तेज होने की संभावना है.

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