कर्नाटक में पुलिसकर्मियों की टोपी को लेकर सिद्धरमैया सरकार ने किया बड़ा बदलाव, CM ने बताया क्यों लिया ये फैसला
कर्नाटक में 50 साल बाद पुलिस कांस्टेबल्स की नई नेवी ब्लू रंग की पी-कैप लॉन्च की गई. मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने इसे बदलाव की शुरुआत बताते हुए पुलिस के प्रदर्शन में सुधार की बात कही. गृह मंत्री ने बताया कि पुरानी स्लाउच कैप अब व्यावहारिक नहीं थी. साथ ही राज्य में 8,500 नए कांस्टेबलों की भर्ती का ऐलान किया गया.
कर्नाटक: कर्नाटक सरकार ने मंगलवार को राज्य पुलिस के कांस्टेबलों के लिए एक नई नेवी ब्लू रंग की टोपी को लॉन्च किया, जो ढीली टोपी पहनते हैं. मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा, 'यह तो बस शुरुआत है.' हालांकि कई राज्यों ने पहले भी अपने पुलिस बलों की टोपियां बदली हैं, लेकिन कर्नाटक ने 50 सालों में पहली बार ऐसा किया है.
सिद्धारमैया ने विधान सौधा के बैंक्वेट हॉल में नई टोपियां वितरित कीं और एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स का शुभारंभ किया. उन्होंने आगे कहा, 'मैंने व्यक्तिगत रूप से इसकी जगह पी-कैप को चुना. यह तो बस एक शुरुआत है. हमें सुरक्षा बलों के प्रदर्शन और उनके कर्तव्यों में भी बदलाव की जरूरत है.'
ब्रिटिश काल में कैसी होती थी टोपी?
गृह मंत्री जी परमेश्वर ने कहा कि ब्रिटिश काल में पुलिसकर्मी ढीली टोपी पहनते थे, लेकिन आजादी के बाद उन्होंने पगड़ी पहनना शुरू कर दिया. 1973 में तत्कालीन मुख्यमंत्री देवराज उर्स ने ढीली टोपी की शुरुआत की थी. उन्होंने याद करते हुए कहा, 'बारिश के दौरान, यह (पुरानी टोपी) भारी हो जाती थी और देखने में भी अच्छी नहीं लगती थी. 2015 में भी, जब मैं गृह मंत्री था, तब भी बदलाव का प्रस्ताव आया था, लेकिन कई कारणों से यह संभव नहीं हो सका.'
कौन-कौन था मौजूद?
कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार भी समारोह में मौजूद थे. इंडिया जस्टिस रिपोर्ट का हवाला देते हुए, सिद्धारमैया ने कहा कि न्याय प्रणाली के कई मानकों पर कर्नाटक सभी राज्यों में पहले स्थान पर है. उन्होंने कहा, 'हमें एक नशामुक्त राज्य बनाने की जरूरत है, और नए एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स को संमित्र कार्यक्रम से मदद मिलेगी.'
मंगलुरु में हिंसा के बारे में क्या कहा?
मंगलुरु में हिंसा और अशांति के बारे में बोलते हुए, सिद्धारमैया ने कहा कि पुलिस नेतृत्व में बदलाव के कारण स्थिति नियंत्रण में आ गई है. उन्होंने आगे कहा, 'पिछले अधिकारी इसे नियंत्रित नहीं कर पाए. मैंने दो पुलिस अधिकारियों को बदलने का आदेश दिया और अब स्थिति नियंत्रण में है. वे किसी दूसरे ग्रह से नहीं, बल्कि हमारे अपने अधिकारी हैं. यह दर्शाता है कि अगर 'इच्छाशक्ति हो तो राह भी मिल जाती है.'
सिद्धारमैया ने नई कांस्टेबल भर्ती के बारे में क्या बताया?
सिद्धारमैया ने कहा कि एक हफ्ते के भीतर नई कांस्टेबल भर्ती जारी कर दी जाएगी. उन्होंने आगे कहा, 'हमने राज्य भर में रिक्त 14,000 कांस्टेबल पदों को भरने के लिए 8,500 पुलिस कांस्टेबलों की भर्ती को मंजूरी दे दी है. 545 पुलिस सब-इंस्पेक्टर पहले से ही प्रशिक्षण ले रहे हैं.'
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