पढ़ाई की आड़ में साजिश, UP का छात्र ISIS मॉड्यूल चलाने के आरोप में गिरफ्तार; पाकिस्तानी हैंडलर्स से संपर्क का हुआ पर्दाफाश
UP ATS ने सहारनपुर के छात्र हरीश अली को ISIS मॉड्यूल चलाने और पाकिस्तान से जुड़े हैंडलर्स के संपर्क में रहने के आरोप में गिरफ्तार किया है. वहीं पंजाब पुलिस ने ISI समर्थित आतंकी नेटवर्क का भी भंडाफोड़ किया है.
सहारनपुर: उत्तर प्रदेश पुलिस ने सहारनपुर के रहने वाले हरीश अली नाम के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है. उस पर कथित तौर पर ISIS की विचारधारा को बढ़ावा देने और भारत में आतंकवादी गतिविधियों के लिए सदस्यों की भर्ती करने का आरोप है. हरीश जो BDS का दूसरे साल का छात्र है, उसको मुरादाबाद से गिरफ्तार किया गया.
यह गिरफ्तारी एंटी-टेररिज्म स्क्वॉड यानी ATS को पिछले कुछ महीनों से इस संदिग्ध की गतिविधियों के बारे में मिल रही जानकारियों के आधार पर की गई. जांचकर्ताओं ने बताया कि हरीश ने इंस्टाग्राम और Session और Discord जैसे एन्क्रिप्टेड ऐप्स पर कई ऑनलाइन ग्रुप बनाए और उन्हें मैनेज किया. वह अक्सर अपनी पहचान छिपाने के लिए नकली नामों और VPN का इस्तेमाल करता था.
नए सदस्यों की कैसे करता था भर्ती?
इन माध्यमों से वह ISIS का प्रोपेगैंडा, मैगजीन, वीडियो और ऑडियो शेयर करता था, जिनमें मारे गए आतंकवादियों का महिमामंडन किया जाता था. साथ ही वह संगठन के लिए नए सदस्यों की भर्ती भी करता था. उसने 'अल इत्तिहाद मीडिया फाउंडेशन' नाम का एक अलग ग्रुप भी बनाया था, जिसका मकसद भारत में ISIS के ऑपरेशन्स को मजबूत करना था. बताया जाता है कि हरीश पाकिस्तान और अन्य देशों में मौजूद ISIS के हैंडलर्स और ऑपरेटिव्स के साथ तालमेल बिठाता था.
अधिकारियों ने क्या बताया?
अधिकारियों ने बताया कि हरीश भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था को गिराना और शरिया कानून के तहत एक खिलाफत यानी इस्लामी शासन स्थापित करना चाहता था. वह अपने समर्थकों को फिदायीन-शैली के हमले करने और जिहादी विचारधारा फैलाने के लिए उकसाता था. वह ISIS के मीडिया आउटलेट्स पर बारीकी से नजर रखता था, वह अपने नेटवर्क के साथ चरमपंथी निर्देश और प्रोपेगैंडा शेयर करता था.
पंजाब पुलिस ने एक और ऐसे मामले का कैसे किया भंडाफोड़?
एक अलग घटना में पंजाब पुलिस ने शनिवार को गुरसेवक सिंह उर्फ सूरज और अमरजीत सिंह उर्फ रोहित को गिरफ्तार किया. इन पर ISI-समर्थित आतंकी और हथियारों की तस्करी करने वाले मॉड्यूल से जुड़े होने का आरोप है.
इस ऑपरेशन के दौरान अधिकारियों ने संदिग्धों के पास से एक AK-47 राइफल, तीन 9mm ग्लॉक पिस्तौल, दो मैगजीन और 36 जिंदा कारतूस बरामद किए.
DGP गौरव यादव ने क्या बताया?
DGP गौरव यादव ने बताया कि शुरुआती जांच में पता चला है कि आरोपी सोशल मीडिया के जरिए विदेशों में बैठे हैंडलर्स से संपर्क में थे. यह मॉड्यूल लोगों को कट्टरपंथी बनाने और भारत तथा पुलिस के खिलाफ गलत बातें फैलाने की कोशिशों में भी शामिल था.
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