इमरजेंसी छुट्टी पर कर्नाटक के राज्यपाल, अब CM सिद्धारमैया किसे सौंपेंगे अपना इस्तीफा, क्या कहता है संविधान?

कर्नाटक के राज्यपाल थावर चंद गहलोत अचानक इमरजेंसी छुट्टी पर चले गए हैं. ऐसे में लोगों के मन में यह सवाल है कि मुख्यमंत्री सिद्धारमैया अपना इस्तीफा किसे सौंपेंगे?

ANI
Shanu Sharma

कर्नाटक  की राजनीति में काफी उथल-पुथल देखने को मिल रही है. राज्य के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने अपने पद से इस्तीफा देने का ऐलान किया है. संभावना जताई जा रही थी कि सिद्धारमैया आज अपना इस्तीफा राज्यपाल थावर चंद गहलोत को सौंपेंगे, हालांकि इसी बीच राज्यपाल मेडिकल इमरजेंसी की वजह से इंदौर के लिए रवाना हो गए.

राज्यपाल के शहर में न होने से अब यह सवाल उठने लगा है कि सिद्धारमैया ऐसे में अपना इस्तीफा किसे सौंपेंगे और भारतीय संविधान में इसे लेकर क्या नियम है? जानकारी के मुताबिक राज्यपाल बुधवार की रात बेंगलुरु से रात लगभग 11:30 बजे की फ्लाइट से अपने गृह नगर के लिए रवाना हुए हैं.

क्या कहता है भारतीय संविधान?

अब लोगों के मन में सवाल है कि राज्यपाल के शहर में ना होने पर सीएम अपना इस्तीफा किसे देगा और क्या यह औपचारिक माना जाएगा? तो आपको बता दें कि संविधान के अनुच्छेद 164 के तहत, कोई भी मुख्यमंत्री राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंपे बिना औपचारिक रूप से इस्तीफा नहीं दे सकता.

हालांकि सूत्रों का कहना है कि सिद्धारमैया आज राज्यपाल की उपस्थिति के बिना भी कार्यालय में अपना इस्तीफा सौंपेंगे. अब ऐसी स्थिति में सवाल यह है कि अगर मुख्यमंत्री राज्यपाल की उपस्थिति के बिना इस्तीफा देना चाहें तो ऐसे में संवैधानिक प्रक्रिया क्या है? सुप्रीम कोर्ट के वकील आर.के. सिंह का कहना है कि राज्यपाल राज्य से बाहर, किसी अन्य राज्य में, या विदेश में रहते हुए भी मुख्यमंत्री का इस्तीफा स्वीकार कर सकते हैं. इसके लिए उन्हें राजभवन में शारीरिक रूप से मौजूद होना आवश्यक नहीं है.

दूसरे शहर से भी इस्तीफा स्वीकार कर सकते हैं राज्यपाल?

संविधान के मुताबिक अगर राज्यपाल शहर में मौजूद नहीं हैं तो ऐसे में मुख्यमंत्री अपना इस्तीफा सीधे राजभवन के अधिकारियों को सौंप सकते हैं या फिर फैक्स या ईमेल के माध्यम से राज्यपाल को भेज सकते हैं. ऐसा इसलिए है क्योंकि एक संवैधानिक प्राधिकारी के रूप में, राज्यपाल राज्य के संवैधानिक प्रमुख होते हैं. यह पद केवल किसी विशेष इमारत या स्थान तक सीमित नहीं है. यहां तक कि अगर कोई राज्यपाल अस्पताल के बिस्तर से भी चाहें तो इस्तीफा स्वीकार कर सकते हैं. इस बारे में कोई संवैधानिक संदेह नहीं है. हालांकि राज्यपाल चाहें तो निवर्तमान मुख्यमंत्री से अनुरोध कर सकते हैं कि वे तब तक कार्यवाहक मुख्यमंत्री के रूप में कार्य करते रहें, जब तक कि नई सरकार का गठन नहीं हो जाता या कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं हो जाती.