बेंगलुरु: कर्नाटक कैडर के 2016 बैच के आईएएस अधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार गंगवार के कथित तौर पर लापता होने की खबर से कर्नाटक में हड़कंप मच गया. अधिकारी के बेंगलुरु से दिल्ली आने के बाद उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा था. मामला सामने आने के बाद मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार और गृह मंत्री प्रियांक खरगे तक को इस मामले में जानकारी लेनी पड़ी. हालांकि करीब दो दिन बाद अधिकारी का पता चल गया और उन्होंने खुद कर्नाटक सरकार से संपर्क किया.
पुलिस सूत्रों के अनुसार ज्ञानेंद्र कुमार गंगवार ने 20 अगस्त को दोपहर करीब 3 बजे बेंगलुरु से दिल्ली के लिए इंडिगो की फ्लाइट ली थी. उन्होंने इस यात्रा के लिए करीब 30,200 रुपये का भुगतान किया था. बताया गया कि फ्लाइट की बुकिंग उन्होंने अंतिम समय में की थी. शाम करीब 6 बजे दिल्ली पहुंचने के बाद उन्होंने कैब ली और इसके बाद उनसे संपर्क नहीं हो पाया.
ज्ञानेंद्र कुमार गंगवार ने दिल्ली जाने के लिए कथित तौर पर कोई औपचारिक छुट्टी नहीं ली थी. इसके अलावा उनका आधिकारिक फोन भी उपलब्ध नहीं था. इसी वजह से उनके लापता होने की खबरें तेजी से फैलने लगीं. हालांकि पुलिस के अनुसार इस मामले में कोई औपचारिक गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई थी.
मामले को लेकर तरह तरह की अटकलें लगने लगीं. कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खरगे ने भी अधिकारी के संपर्क में नहीं होने की जानकारी की पुष्टि की थी. इसके बाद मामला और गंभीर हो गया.
करीब दो दिन बाद ज्ञानेंद्र कुमार गंगवार ने कर्नाटक सरकार से संपर्क किया और बताया कि वह लापता नहीं हैं. प्रियांक खरगे के अनुसार, अधिकारी ने फोन पर बताया कि परिवार में अचानक इमरजेंसी की स्थिति पैदा होने के कारण उन्हें अपने गृह जिले जाना पड़ा.
अधिकारी के आधिकारिक फोन पर उपलब्ध नहीं होने के कारण उनके लापता होने की स्थिति बनी. इसके बाद उनके सुरक्षित होने की जानकारी सामने आई और मामले का पटाक्षेप हो गया.
ज्ञानेंद्र कुमार गंगवार फरवरी 2024 से मार्च 2026 तक कर्नाटक लोक सेवा आयोग यानी KPSC में परीक्षा नियंत्रक के पद पर काम कर चुके हैं. इस दौरान आयोग की एक वेटनरी सर्विसेज परीक्षा में पेपर लीक के आरोप भी सामने आए थे. हाल ही में प्रवर्तन निदेशालय ने KPSC से जुड़े परिसरों में छापेमारी की थी.
इस साल जून में गंगवार का तबादला उद्योग एवं वाणिज्य विभाग में किया गया था, जहां वह एसएसएमआई के निदेशक के पद पर तैनात हैं. अधिकारी के अचानक संपर्क से बाहर होने के बाद उनके KPSC कार्यकाल से जुड़ी घटनाओं को लेकर भी कई तरह की अटकलें सामने आईं. हालांकि आधिकारिक स्तर पर इस तरह के किसी संबंध की पुष्टि नहीं की गई है.
ज्ञानेंद्र कुमार गंगवार मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं और कर्नाटक कैडर के आईएएस अधिकारी हैं. उनके सुरक्षित होने की जानकारी मिलने के बाद उनके लापता होने को लेकर चल रही चर्चाओं पर विराम लग गया.