बेंगलुरु: कर्नाटक कांग्रेस में नेतृत्व को लेकर जारी असमंजस एक बार फिर सतह पर आ गया है. मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के बीच ढाई-ढाई साल के सत्ता-साझेदारी फार्मूले को लेकर लंबे समय से चर्चा चल रही है. भले ही दोनों नेता सार्वजनिक रूप से टकराव से बचते रहे हों, लेकिन अंदरखाने की राजनीति लगातार गर्म है. मैसूर एयरपोर्ट पर राहुल गांधी से दोनों नेताओं की हालिया मुलाकात ने एक बार फिर इस मुद्दे को सुर्खियों में ला दिया है.
मंगलवार को तमिलनाडु रवाना होते समय कांग्रेस नेता राहुल गांधी की मैसूर एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार से मुलाकात हुई. औपचारिक स्वागत के बाद राहुल गांधी ने दोनों नेताओं से कुछ देर अलग से बातचीत की. यह मुलाकात भले ही संक्षिप्त रही, लेकिन इसके राजनीतिक मायने दूर तक देखे जा रहे हैं. कांग्रेस के भीतर इसे कर्नाटक के नेतृत्व संकट से जोड़कर देखा जा रहा है.
राहुल गांधी, सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के बीच टारमैक पर हुई बातचीत का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया. वीडियो सामने आते ही राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया. समर्थक और विश्लेषक इस मुलाकात के संकेत पढ़ने में जुट गए. कोई इसे सामान्य शिष्टाचार बता रहा है, तो कोई इसे सत्ता संतुलन को लेकर होने वाली बड़ी कवायद का संकेत मान रहा है.
सूत्रों के मुताबिक, इस बातचीत के दौरान डीके शिवकुमार ने राहुल गांधी से दिल्ली में अलग से मिलने का समय मांगा. राहुल गांधी ने जवाब में कहा कि वह इस विषय में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से चर्चा कर जानकारी देंगे. बताया जाता है कि डीके शिवकुमार काफी समय से पार्टी नेतृत्व से मुलाकात का अवसर तलाश रहे हैं. इससे पहले अगस्त में भी उनकी राहुल गांधी से मुलाकात हो चुकी है.
वहीं मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने राहुल गांधी को कर्नाटक विधानसभा का विशेष सत्र बुलाए जाने की जानकारी दी. यह सत्र मनरेगा के विकल्प के रूप में लाए जा रहे वीबी जीरामजी कानून को लेकर प्रस्तावित है. सिद्धारमैया इससे पहले नवंबर में भी दिल्ली में राहुल गांधी से मिल चुके हैं. इससे साफ है कि मुख्यमंत्री राज्य के प्रशासनिक और विधायी एजेंडे पर नेतृत्व को भरोसे में लेना चाहते हैं.
कांग्रेस सूत्रों के अनुसार, कर्नाटक को लेकर जनवरी के आखिरी सप्ताह में दिल्ली में एक अहम बैठक बुलाई जाएगी. इस बैठक में राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे, मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार और कर्नाटक कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शामिल होंगे. माना जा रहा है कि इसमें मंत्रिमंडल विस्तार और नेतृत्व संतुलन जैसे मुद्दों पर चर्चा हो सकती है. कांग्रेस आलाकमान दोनों नेताओं की अहमियत के बीच संतुलन साधने का रास्ता तलाश रहा है.