नई दिल्ली: कर्नाटक की राजनीति में गुरुवार को हलचल तब बढ़ गई जब मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने बीजेपी नेता आर अशोका के उस आरोप को सख्ती से खारिज कर दिया जिसमें कहा गया था कि उपलोकायुक्त के अनुसार राज्य में 63 प्रतिशत भ्रष्टाचार है. मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष तथ्यों को तोड़ मरोड़कर पेश कर रहा है और अपनी ही सरकार के समय हुए भ्रष्टाचार को छिपाने की कोशिश कर रहा है.
उन्होंने कहा कि बीजेपी नेता आर अशोका ने उपलोकायुक्त न्यायमूर्ति बी वीरप्पा की टिप्पणी को गलत तरीके से पेश किया है और इसे वर्तमान कांग्रेस सरकार पर आरोप लगाने के लिए इस्तेमाल किया है. सिद्धारमैया ने एक्स पर कहा कि वर्ष 2019 में जो रिपोर्ट उपलोकायुक्त ने दी थी उसमें 63 प्रतिशत भ्रष्टाचार का जिक्र था और उस समय राज्य में बी.एस.येदियुरप्पा के नेतृत्व वाली बीजेपी सरकार सत्ता में थी.
In his report submitted in November 2019, the Hon’ble Upa Lokayukta B. Veerappa had stated that corruption in the state stood at 63%. Today, B. Veerappa has spoken on the basis of the same report. When he submitted that report, the state was under the BJP government led by B S…
— Siddaramaiah (@siddaramaiah) December 4, 2025
उन्होंने कहा कि भाजपा ने अपने पापों की घंटी कांग्रेस की सरकार के गले में डालने की कोशिश की है लेकिन सच्चाई छिप नहीं सकती. मुख्यमंत्री ने विपक्ष के सीबीआई जांच की मांग का जवाब देते हुए कहा कि पिछली बीजेपी सरकार के समय भ्रष्टाचार के कई बड़े मामले सामने आए थे जिनमें सिंचाई परियोजनाओं की अनियमितताएं, पीएसआई भर्ती घोटाला और कोविड अवधि में कथित कमीशनखोरी शामिल है.
उन्होंने कहा कि यह कहना गलत नहीं होगा कि बीजेपी शासन में न्यूनतम 40 प्रतिशत कमीशन का सिस्टम था और कई विभागों में बिना पैसे दिए कोई काम नहीं होता था. उन्होंने कहा कि अगर बीजेपी के सभी घोटाले गिनने शुरू किए जाएं तो एक पूरा ग्रंथ तैयार हो सकता है. मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस बयान का भी जिक्र किया जिसमें उन्होंने कहा था कि वे खुद भ्रष्टाचार नहीं करेंगे और किसी को करने नहीं देंगे.
सिद्धारमैया ने कहा कि ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल की रिपोर्ट के अनुसार भारत की वैश्विक रैंकिंग 96 है और यह स्थिति केंद्र के दावों के विपरीत है. मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार सभी विभागों में पारदर्शिता सुनिश्चित कर रही है और भर्ती से लेकर तबादलों तक हर प्रक्रिया को साफ तरीके से चलाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि बीजेपी की सरकार ने जो विशाल भ्रष्टाचार पैदा किया है उसे रातोंरात खत्म करना संभव नहीं है और इसके लिए समय चाहिए.
दूसरी ओर आर अशोका ने कांग्रेस सरकार को भ्रष्ट बताने के अपने आरोप दोहराए और कहा कि न्यायाधीश की टिप्पणी के बाद सरकार को इस्तीफा दे देना चाहिए. उन्होंने दावा किया कि कर्नाटक कांग्रेस का एटीएम बन गया है और राज्य से अन्य चुनावों के लिए धन भेजा जा रहा है.