हुबली: कर्नाटक के हुबली में बीजेपी की एक महिला नेता द्वारा गिरफ्तारी के दौरान पुलिस पर कपड़े उतारने और मारपीट का आरोप लगाने के बाद राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है. यह मामला केश्वपुर पुलिस स्टेशन का बताया जा रहा है, जहां सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में महिला कार्यकर्ता को बस के अंदर पुरुष और महिला पुलिसकर्मियों से घिरा हुआ देखा जा सकता है.
महिला नेता की पहचान सुजाता उर्फ विजयलक्ष्मी हांडी के रूप में हुई है. शिकायत के अनुसार यह घटना वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन अभियान के दौरान बीजेपी और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच हुए विवाद से जुड़ी है. कांग्रेस पार्षद सुवर्णा कल्कुंटला ने पहले सुजाता के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी. आरोप था कि सुजाता ने बीएलओ अधिकारियों को इलाके में लाकर वोट डिलीशन में मदद की.
कर्नाटक के हुब्बल्ली में बीजेपी की महिला नेता ने गिरफ्तारी के दौरान पुलिस पर मारपीट और अपमानजनक व्यवहार का आरोप लगाया है। घटना के वीडियो सामने आए हैं, पुलिस ने आरोपों से इनकार किया है। pic.twitter.com/FUYDLeVEvm
— Kuldeep Sharma (@KSkuldeep94) January 7, 2026
इसी शिकायत के आधार पर पुलिस ने सुजाता को गिरफ्तार किया. सुजाता का आरोप है कि गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया और मारपीट की. उन्होंने यह भी दावा किया कि पुलिस ने उनके कपड़े उतार दिए. इस घटना के बाद बीजेपी नेताओं ने पुलिस कार्रवाई को अमानवीय और राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित बताया.
बीजेपी नेताओं ने मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए. पार्टी का कहना है कि महिला कार्यकर्ता के साथ जिस तरह का व्यवहार किया गया, वह कानून और मानवाधिकारों का उल्लंघन है.
वहीं पुलिस ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है. हुबली धारवाड़ पुलिस आयुक्त शशि कुमार ने कहा कि यह घटना चालुक्य नगर इलाके में सर्वे के दौरान हुई. उन्होंने बताया कि स्थानीय लोगों के बीच विवाद बढ़ गया था, जिसके बाद स्थिति हिंसक हो गई. इस पूरे मामले में तीन अलग अलग केस दर्ज किए गए हैं.
पुलिस के अनुसार 5 जनवरी को एक महिला को हत्या के प्रयास के आरोप में गिरफ्तार किया गया. आयुक्त ने कहा कि गिरफ्तारी के दौरान सुजाता और उनके समर्थकों ने पुलिस का कड़ा विरोध किया. इस दौरान एक सब इंस्पेक्टर और तीन से चार पुलिसकर्मी घायल हुए. पुलिस ने इस संबंध में अलग से मामला भी दर्ज किया है.
वायरल वीडियो को लेकर पुलिस का कहना है कि गिरफ्तारी के समय महिला ने कपड़े पहने हुए थे. पुलिस के अनुसार वाहन के अंदर महिला ने खुद अपने कपड़े उतारे. इसके बाद महिला पुलिसकर्मियों और स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें फिर से कपड़े पहनाए गए. पुलिस ने स्पष्ट किया कि महिला के साथ किसी तरह का दुर्व्यवहार नहीं किया गया. पुलिस के मुताबिक सुजाता पर कुल नौ मामले दर्ज हैं, जिनमें पुराने और नए दोनों केस शामिल हैं.