राहुल गांधी को चुनाव आयोग और CEC को लेकर लगातार निशाना बनाने पर कर्नाटक विधान परिषद में विपक्ष के नेता चलवाड़ी नारायणस्वामी ने सवाल उठाए हैं. नारायणस्वामी ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी SIR को लेकर चुनाव आयोग पर हमला कर रहे हैं, जबकि उनके मुताबिक केरल में भी इसी तरह की मतदाता सूची समीक्षा को लेकर कांग्रेस नेताओं ने सकारात्मक रुख दिखाया था.
यह बयान ऐसे समय आया है जब SIR और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक विवाद तेज है. नारायणस्वामी ने कहा कि राहुल गांधी चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त को निशाना बना रहे हैं, लेकिन उन्हें खुद यह स्पष्ट नहीं है कि ऐसा क्यों किया जा रहा है. उन्होंने SIR को मतदाता सूची की समीक्षा से जुड़ी प्रक्रिया बताते हुए दावा किया कि इसके जरिए फर्जी मतदाताओं को हटाने का काम किया जाता है.
इस मुद्दे पर कांग्रेस नेता रमेश चेन्निथला के हालिया बयानों का भी राजनीतिक इस्तेमाल हो रहा है. 25 सितंबर को चेन्निथला ने महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2024 के संदर्भ में चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए और CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की. वहीं इससे पहले केरल में SIR को लेकर उनके सकारात्मक रुख का हवाला बीजेपी नेताओं ने दिया है.
SIR और चुनाव आयोग को लेकर राहुल गांधी की आलोचना का मुद्दा हाल के दिनों में काफी बढ़ा है. 24 सितंबर को राहुल गांधी ने कहा कि वोट देश की नींव है और वोट को नष्ट करना संविधान को नष्ट करने के बराबर होगा. इससे पहले उन्होंने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए थे.
इसी बीच चुनाव आयोग ने उन रिपोर्टों पर प्रतिक्रिया दी, जिनमें SIR से जुड़े फैसलों पर दो चुनाव आयुक्तों की आपत्तियों का जिक्र था. आयोग ने कहा कि संस्थान के भीतर अलग-अलग विचार और टिप्पणियां सामान्य विचार-विमर्श का हिस्सा हैं और महत्वपूर्ण फैसले सर्वसम्मति से लिए गए.
नारायणस्वामी ने राहुल गांधी के परिवार और चुनाव आयोग से जुड़े पुराने विवादों का भी उल्लेख किया. उन्होंने राहुल गांधी से इन मामलों पर अपना पक्ष रखने की मांग की. इसके अलावा उन्होंने पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त टीएन शेषन के कार्यकाल और तत्कालीन राजनीतिक दौर का जिक्र करते हुए चुनाव आयोग की स्वतंत्रता को लेकर पुराने विवादों की बात कही. हालांकि, ये दावे नारायणस्वामी के राजनीतिक आरोप हैं. इनके अलग-अलग हिस्सों की पुष्टि के लिए संबंधित दस्तावेज और प्राथमिक रिकॉर्ड देखना जरूरी है.
नारायणस्वामी ने कर्नाटक में सूखे की स्थिति को लेकर राज्य सरकार पर भी निशाना साधा. उन्होंने किसानों के लिए 25 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजे की मांग की. कर्नाटक सरकार के अनुसार 2026 में राज्य में सूखे की स्थिति गंभीर है और 22 सितंबर तक 177 तालुकों को सूखा प्रभावित घोषित किया जा चुका था. सरकार के आंकलन में फसल नुकसान करीब 82 फीसदी बताया गया है. सरकार ने 25 सितंबर को 100 से अधिक सूखा प्रभावित तालुकों के किसानों के लिए 2,500 रुपये की इनपुट सब्सिडी देने की घोषणा भी की थी.