बेंगलुरु: बेंगलुरु के बगलुरु इलाके से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक घरेलू सहायिका ने बेरहमी से एक पालतू कुत्ते की हत्या कर दी. यह घटना 31 अक्टूबर को एक अपार्टमेंट कॉम्प्लेक्स में हुई और पूरी वारदात सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई. मृत कुत्ते का नाम ‘गूफी’ (Goofy) था, जो अपार्टमेंट निवासी राशी पूजारी का पालतू था.
राशी ने घटना की जानकारी मिलने के बाद तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. सीसीटीवी फुटेज में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि आरोपी महिला, जिसकी पहचान पुष्पलता के रूप में हुई है, लिफ्ट में गूफी को जोर से फेंकती है और उसके साथ अमानवीय व्यवहार करती है. घटना के कुछ समय बाद ही गूफी की मौत हो गई.
Shocking incident from Bengaluru: CCTV captures woman brutally killing pet dog, case registered
A disturbing video from an apartment complex in Bagalur shows domestic worker Pushpalatha throwing and violently shaking a dog inside an elevator. The incident took place on October… pic.twitter.com/vJZgUEzp59— Pinky Rajpurohit 🇮🇳 (@Madrassan_Pinky) November 3, 2025Also Read
पांच साल तक की सजा और जुर्माना दोनों हो सकते
बताया जा रहा है कि पुष्पलता पिछले करीब डेढ़ महीने से राशी पूजारी के घर काम कर रही थी. घटना के बाद से ही वह फरार है. पुलिस ने उसकी तलाश शुरू कर दी है और गिरफ्तारी के लिए सर्च ऑपरेशन जारी है. बगलुरु पुलिस स्टेशन में इस संबंध में एफआईआर दर्ज की गई है. पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (Bharatiya Nyaya Sanhita - BNS) की धारा 325 के तहत मामला दर्ज किया है. यह धारा जानबूझकर किसी जानवर को नुकसान पहुंचाने या उसकी हत्या करने पर लागू होती है. इसके तहत दोषी को पांच साल तक की सजा और जुर्माना दोनों हो सकते हैं. यह अपराध गंभीर श्रेणी (cognizable offence) में आता है, जिसमें पुलिस बिना वारंट गिरफ्तारी कर सकती है.
शव को घर में छुपा कर रखा
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी के खिलाफ पुख्ता सबूत मौजूद हैं और जल्द ही उसे गिरफ्तार किया जाएगा. यह घटना बेंगलुरु में पशु क्रूरता के बढ़ते मामलों की ओर एक बार फिर ध्यान खींचती है. इससे पहले जून 2024 में महादेवपुरा क्षेत्र में एक महिला ने अपने लैब्राडोर कुत्ते की हत्या कर दी थी और उसके शव को कई दिनों तक घर में छिपाकर रखा था.
उस मामले में आरोपी त्रिपर्णा पाइक, जो पश्चिम बंगाल की रहने वाली है, पशु क्रूरता निवारण अधिनियम (Prevention of Cruelty to Animals Act) और बीएनएस के तहत गिरफ्तार किया गया था. पशु प्रेमियों ने इस हालिया घटना पर गहरी नाराज़गी जताई है और मांग की है कि आरोपी को सख्त सजा दी जाए ताकि भविष्य में कोई भी इस तरह की क्रूरता करने से पहले सौ बार सोचें.