झारखंड में SIR यानी विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर ग्रामीणों के बीच दस्तावेजों को लेकर बना असमंजस अब दूर हो गया है. गुरुवार को प्रखंड क्षेत्र में बड़ी संख्या में ग्रामीण जाति और आवासीय प्रमाणपत्र बनवाने पहुंच गए थे. बाद में उन्हें जानकारी मिली कि SIR की प्रक्रिया के लिए इन प्रमाणपत्रों की आवश्यकता नहीं है. इसके बाद कई ग्रामीण वापस लौट गए.
अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि SIR को लेकर किसी तरह की अफवाह या भ्रम में आने के बजाय अपने संबंधित BLO यानी बूथ लेवल ऑफिसर से संपर्क करें और उन्हीं से आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी प्राप्त करें.
कामडारा के सीआई रंजित कच्छप ने ग्रामीणों को SIR से जुड़े दस्तावेजों के संबंध में जानकारी दी. उन्होंने स्पष्ट किया कि SIR की प्रक्रिया पूरी करने के लिए ग्रामीणों को अपने-अपने BLO से संपर्क करना चाहिए. BLO की ओर से जिन दस्तावेजों की मांग की जाए, उन्हीं को जमा करके प्रक्रिया पूरी करनी है. इसके लिए अलग से ऐसे प्रमाणपत्र बनवाने की जरूरत नहीं है, जिनकी SIR प्रक्रिया में मांग नहीं की गई है. अधिकारी ने ग्रामीणों से अपील की कि दस्तावेजों को लेकर अनावश्यक रूप से परेशान न हों और किसी भी तरह की जानकारी के लिए संबंधित BLO से संपर्क करें.
सीआई रंजित कच्छप ने राशन कार्ड से जुड़े एक अन्य भ्रम को भी स्पष्ट किया. उन्होंने कहा कि राशन कार्ड बनवाने के लिए जाति प्रमाणपत्र अनिवार्य किए जाने से संबंधित अब तक कोई निर्देश जारी नहीं हुआ है. ऐसे में ग्रामीणों को बिना आधिकारिक निर्देश के जाति प्रमाणपत्र बनवाने के लिए परेशान होने की जरूरत नहीं है.
इस बीच झारखंड सरकार के कार्मिक, प्रशासनिक सुधार एवं राजभाषा विभाग की ओर से 27 अगस्त 2026 को सभी उपायुक्तों को पत्र जारी किया गया है. इसमें जाति, आय, स्थानीय निवासी और EWS प्रमाणपत्रों को ऑनलाइन के साथ ऑफलाइन जारी करने की अनुमति दी गई है. विभाग की ओर से यह कदम लंबित आवेदनों को देखते हुए उठाया गया है. जानकारी के मुताबिक, अगले तीन महीने तक आय, स्थानीय निवासी और EWS प्रमाणपत्र ऑफलाइन माध्यम से भी जारी किए जा सकेंगे.