अधिकारी के घर काम करने वाली नाबालिक लड़की की दर्दनाक मौत, शरीर पर मिले चोट के निशान; हत्या की आशंका
रांची के कांके इलाके में 16 साल की घरेलू सहायिका की संदिग्ध मौत हुई है. शरीर पर चोट के निशान मिलने से हत्या की आशंका है. पुलिस मामले की जांच कर रही है और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार है.
रांची: रांची के कांके इलाके में 16 साल की एक नाबालिग घरेलू नौकरानी की कथित तौर पर पीट-पीटकर हत्या किए जाने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है. पीड़िता पिछले चार साल से एक अधिकारी के घर में घरेलू नौकरानी के तौर पर काम कर रही थी. पुलिस के अनुसार लड़की के शरीर पर गंभीर चोट के निशान मिले हैं, जिससे यह शक पैदा होता है कि उसे बेरहमी से पीटा गया था.
हालांकि आरोपी अधिकारी ने दावा किया कि मौत बाथरूम में गिरने से हुई लेकिन पुलिस इस घटना में उसकी भूमिका को संदिग्ध मान रही है. शव को पोस्टमार्टम के लिए RIMS अस्पताल भेज दिया गया है.
रांची पुलिस ने क्या बताया?
रांची पुलिस के अनुसार शनिवार को कांके थाना क्षेत्र के अंतर्गत कथित तौर पर 16 साल की एक लड़की की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई. रांची ग्रामीण SP प्रवीण पुष्कर ने बताया कि पीड़िता के शव को पोस्टमार्टम के लिए RIMS भेज दिया गया है.
लड़की के शरीर पर चोट के कई निशान मिले हैं, जिससे यह संकेत मिलता है कि उसे पीट-पीटकर मारा गया था. वह पिछले चार साल से कांके इलाके में एक अधिकारी के घर में घरेलू नौकरानी के तौर पर काम कर रही थी.
पूछताछ के दौरान क्या आया सामने?
पूछताछ के दौरान आरोपी अधिकारी ने पुलिस को बताया कि लड़की की मौत बाथरूम में गिरने से हुई. यह जानकारी तब सामने आई जब आरोपी अधिकारी लड़की का शव उसके परिवार वालों को सौंपने गया. पीड़िता के परिवार द्वारा दिए गए बयान के आधार पर इस मामले में FIR दर्ज कर ली गई है और आगे की जांच जारी है.
शुरुआती जांच में क्या मिला?
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि शुरुआती जांच के आधार पर इस घटना में अधिकारी की भूमिका संदिग्ध लग रही है. फिलहाल पूरे मामले में पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, जो इस घटना की सच्चाई सामने लाने में अहम भूमिका निभाएगी. पुलिस ने आश्वासन दिया है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई होगी.
यह मामला बाल श्रम और घरेलू कामगारों की सुरक्षा को लेकर भी कई सवाल खड़े करता है. एक नाबालिग का इतने लंबे समय तक घरेलू काम में लगे रहना और उसके साथ कथित तौर पर हिंसा होना गंभीर चिंता का विषय है.