विनेश फोगाट का एशियन गेम्स में भाग लेने का सपना टूटा, ट्रॉयल मुकाबले में मीनाक्षी के हाथों मिली हार
यह ट्रायल उनके लिए पहले से ही चुनौतीपूर्ण था क्योंकि उन्हें रेसलिंग फेडरेशन से अनुमति लेने के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाना पड़ा था लेकिन जब मैदान पर असली परीक्षा आई तो विनेश हार गईं.
भारत की सबसे अनुभवी महिला पहलवानों में शुमार विनेश फोगाट का शनिवार को बड़ा सपना चकनाचूर हो गया. एशियाई खेलों के लिए हुए ट्रायल में उन्हें करारी शिकस्त मिली. यह ट्रायल उनके लिए पहले से ही चुनौतीपूर्ण था क्योंकि उन्हें रेसलिंग फेडरेशन से अनुमति लेने के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाना पड़ा था लेकिन जब मैदान पर असली परीक्षा आई तो विनेश हार गईं. 53 किलोग्राम भार वर्ग के तीसरे और निर्णायक मुकाबले में मीनाक्षी ने उन्हें 6-4 से मात दे डाली.
एशियाई खेलों में जाने का सपना टूटा
ट्रायल का तीसरा मुकाबला विनेश और मीनाक्षी के बीच था. दोनों के बीच शुरू से ही मुकाबला कांटे का रहा. मीनाक्षी ने बेहतर फिटनेस और तकनीक का प्रदर्शन करते हुए पहले ही मिनट में दो अंक लेकर बढ़त बना ली. विनेश ने वापसी के कई प्रयास किए लेकिन मीनाक्षी की रक्षात्मक कुश्ती ने उन्हें निराश कर दिया. दूसरे राउंड में विनेश ने कुछ अंक तो जरूर जोड़े, लेकिन मीनाक्षी ने पलटवार करते हुए अपनी बढ़त बरकरार रखी और अंतिम सीटी बजने तक स्कोर 6-4 रहा. इस हार के साथ ही विनेश का एशियाई खेलों का सपना पूरी तरह टूट गया.
दूसरे मुकाबले में ही बज गई थी खतरे की घंटी
असल में विनेश के लिए खतरे की घंटी दूसरे मुकाबले में ही बज गई थी. उनका सामना हरियाणा की नीशू से था. विनेश ने यह मुकाबला भले ही 7-6 से जीत लिया, लेकिन इस जीत ने उनकी कमजोरियां उजागर कर दीं. पहले दौर में वे आसानी से जीत गईं लेकिन यहां उन्हें जमकर पसीना बहाना पड़ा. जब अनुभवी खिलाड़ी को इतनी कड़ी चुनौती देनी पड़े तो समझ जाना चाहिए कि आगे का रास्ता आसान नहीं है. यह मुकाबला ही विनेश की असली परीक्षा थी जिसमें वे उत्तीर्ण तो हुईं लेकिन पूरी तरह आश्वस्त नहीं कर पाईं.
पहले राउंड में थी एकतरफा जीत
ट्रायल की शुरुआत विनेश ने बहुत शानदार की थी. पहले मुकाबले में उनका सामना हरियाणा की ज्योति से था. विनेश ने यह मुकाबला 7-1 से जीता. शुरुआत में दोनों पहलवान सतर्क थीं लेकिन जल्द ही विनेश ने अपनी चालें चलनी शुरू कर दीं. उन्होंने डबल लेग अटैक और टेक डाउन मूव से अंक बटोरे. दूसरे राउंड में उन्होंने लगातार दो प्वाइंट जोड़कर स्कोर 7-0 कर दिया. ज्योति को एक पुश-आउट प्वाइंट मिला लेकिन वह विनेश के सामने टिक नहीं पाई. यह एकतरफा जीत थी. इस प्रदर्शन ने सबको उम्मीत दिला दी थी कि विनेश फिर से वही फॉर्म में हैं लेकिन दूसरा और तीसरा मुकाबला एक अलग कहानी लेकर आया.
विनेश अब एशियाई खेलों का हिस्सा नहीं होंगी. यह हार उनके करियर का एक बड़ा मोड़ है. 2024 पेरिस ओलंपिक अब भी दूर है लेकिन इस तरह की हार किसी भी दिग्गज खिलाड़ी का मनोबल तोड़ देती है. हालांकि विनेश ने कई बार साबित किया है कि वह विपरीत परिस्थितियों में भी खुद को ढालना जानती हैं. फिलहाल उन्हें अपनी तकनीक और फिटनेस पर काम करना होगा. फैंस को यकीन है कि यह आखिरी हार नहीं होगी और विनेश जल्द ही मजबूत वापसी करेंगी.