झारखंड में JSSC-CGL परीक्षा में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ छात्रों का विरोध लगातार जारी है. आंदोलन के 20वें दिन मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आवास के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई. करीब 500 मीटर रास्ते पर दोनों तरफ बैरिकेड लगाए गए हैं और कई स्तरों पर सुरक्षा घेरा बनाया गया है. छात्रों की मांगों में परीक्षा रद्द करना, भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और मामले की स्वतंत्र जांच शामिल है. सरकार और प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच छह दौर की बातचीत भी अब तक किसी नतीजे पर नहीं पहुंची है.
छात्रों की ओर से दोबारा विधानसभा या मुख्यमंत्री आवास का घेराव किए जाने की आशंका के बीच सुरक्षा बलों की अतिरिक्त तैनाती की गई है. मुख्य द्वार से बाहरी सुरक्षा घेरे तक कई स्तरों पर अवरोध लगाए गए हैं. आंदोलनकारी छात्र अभी भी अपनी मांगों पर कायम हैं. उनका कहना है कि मांगें पूरी होने तक विरोध जारी रहेगा और परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच जरूरी है.
प्रदर्शनकारी JSSC-CGL परीक्षा रद्द करने के साथ भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं. वे पूरे मामले की जांच सीबीआई या राज्य से बाहर के सेवानिवृत्त न्यायाधीशों की समिति से कराने की मांग पर भी अड़े हैं. सरकार के साथ अब तक छह दौर की बातचीत हो चुकी है, लेकिन दोनों पक्षों के बीच सहमति नहीं बन पाई है.
आंदोलन को राजनीतिक दलों और छात्र संगठनों का समर्थन भी मिल रहा है. पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा है कि एक सप्ताह में सीबीआई जांच की मांग नहीं मानी गई तो वह भूख हड़ताल करेंगे. एबीवीपी ने भी देशभर के 1,200 से अधिक विश्वविद्यालयों में विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया है. मुख्यमंत्री ने भाजपा पर आंदोलन को राजनीतिक रंग देने का आरोप लगाया है.
विधानसभा मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच टकराव के बाद हालात तनावपूर्ण हुए थे. पुलिस ने भीड़ को रोकने के लिए लाठीचार्ज, आंसू गैस और पानी की बौछार का इस्तेमाल किया था. इसके बाद भाजपा ने राज्यव्यापी बंद बुलाया. आंदोलनकारी छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो, जो स्वास्थ्य कारणों से अस्पताल में भर्ती हैं, आंदोलन स्थल पर लौटने की अनुमति मांग चुके हैं.