JPSC ने 14वीं मुख्य परीक्षा समेत नौ भर्ती परीक्षाएं कीं स्थगित, अनियमितता जांच के बीच आयोग का बड़ा फैसला

जेपीएससी ने 25 जुलाई से 29 सितंबर तक प्रस्तावित नौ प्रतियोगी परीक्षाओं को अगले आदेश तक स्थगित कर दिया है. सिविल सेवा परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच, सीआईडी की कार्रवाई और हाईकोर्ट में चल रही सुनवाई के बीच आयोग ने यह अहम निर्णय लिया है.

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Shanu Sharma

झारखंड लोक सेवा आयोग ने 14वीं संयुक्त असैनिक सेवा मुख्य परीक्षा सहित कुल नौ प्रतियोगी परीक्षाओं को अगले आदेश तक स्थगित कर दिया है. आयोग की ओर से यह फैसला ऐसे समय लिया गया है, जब 14वीं सिविल सेवा परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर जांच तेज हो गई है. 

जेपीएससी के परीक्षा नियंत्रक द्वारा जारी आदेश के अनुसार, संयुक्त असैनिक सेवा मुख्य प्रतियोगिता परीक्षा 2026 का आयोजन 25, 26 और 27 जुलाई को रांची के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर होना था. हालांकि अपरिहार्य कारणों का हवाला देते हुए इस परीक्षा को अगले आदेश तक स्थगित कर दिया गया है.

जल्द घोषित होगी नई तारीख

आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि नौ जुलाई को जारी परीक्षा कैलेंडर के तहत प्रस्तावित अन्य सभी प्रतियोगी परीक्षाओं का कार्यक्रम भी फिलहाल प्रभावी नहीं रहेगा. अब नई तिथियों की घोषणा बाद में की जाएगी. जेपीएससी ने नौ जुलाई को जो परीक्षा कैलेंडर जारी किया था, उसके अनुसार 25 जुलाई से 29 सितंबर के बीच कुल नौ प्रतियोगी परीक्षाएं आयोजित होनी थीं. इन परीक्षाओं के माध्यम से 503 रिक्त पदों पर नियुक्ति की जानी थी. इनमें संयुक्त सिविल सेवा मुख्य परीक्षा, सिविल जज जूनियर डिविजन, सहायक लोक अभियोजक, कारखाना निरीक्षक, प्रोजेक्ट मैनेजर और वाष्पित्र निरीक्षक जैसे महत्वपूर्ण पद शामिल हैं.


अनियमितता के आरोपों के बाद तेज हुई जांच

14वीं सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम आने के बाद कई अभ्यर्थियों ने चयन प्रक्रिया पर सवाल उठाए थे. अभ्यर्थियों ने लगातार प्रदर्शन कर परीक्षा में अनियमितता के आरोप लगाए. मामला सरकार तक पहुंचने के बाद सीआईडी और पुलिस ने जांच शुरू की. इसी क्रम में आयोग के अध्यक्ष एल. खियांग्ते ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया.

जांच के दौरान सीआईडी ने जेपीएससी की उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता, टीडीपीएल के निदेशक रामवीर सिंह, पूर्व मार्केटिंग मैनेजर अभय उर्फ मनोज तिवारी तथा दो अन्य कर्मियों मो उस्मान और मो एबाद को गिरफ्तार किया है. मनोज तिवारी को गोड्डा से हिरासत में लेकर रांची लाया गया. जांच एजेंसी अब सभी आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी ताकि कथित अनियमितताओं की पूरी सच्चाई सामने लाई जा सके. इस बीच 14वीं प्रारंभिक परीक्षा को निरस्त करने की मांग को लेकर झारखंड हाईकोर्ट में याचिका भी दायर की गई है. अब अभ्यर्थियों की नजर अदालत के फैसले और आयोग की अगली घोषणा पर टिकी हुई है.