झारखंड में आसमान से बरपा कहर! 24 घंटे में 5 मौतें, आकाशीय बिजली ने मचाई दहशत
झारखंड में पिछले 24 घंटों के दौरान आकाशीय बिजली गिरने की कई घटनाओं में पांच लोगों की जान चली गई जबकि आठ लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं. लोहरदगा, पलामू, चतरा और गुमला जिले सबसे अधिक प्रभावित रहे.
झारखंड में मानसूनी मौसम के बीच आकाशीय बिजली लोगों के लिए जानलेवा साबित हो रही है. बीते 24 घंटों में राज्य के अलग-अलग जिलों में वज्रपात की घटनाओं ने पांच परिवारों की खुशियां छीन लीं. कई लोग घायल भी हुए हैं, जिनका अस्पतालों में इलाज चल रहा है.
लोहरदगा में सबसे ज्यादा असर
लोहरदगा जिले में आकाशीय बिजली गिरने की दो अलग-अलग घटनाओं में दो महिलाओं की मौत हो गई. एक महिला खेत में कृषि कार्य कर रही थीं जबकि दूसरी बकरियां चराने गई थीं. अचानक मौसम खराब होने के दौरान दोनों वज्रपात की चपेट में आ गईं. इन घटनाओं में आठ अन्य लोग भी घायल हुए हैं जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है. प्रशासन ने आवश्यक कार्रवाई पूरी कर शव परिजनों को सौंप दिए हैं.
पलामू में महिला और बालक की मौत
पलामू जिले के पांकी थाना क्षेत्र में भी वज्रपात ने दो लोगों की जान ले ली. एक वृद्ध महिला बारिश से बचने के लिए पेड़ के नीचे खड़ी थीं तभी बिजली गिर गई. दूसरी घटना में एक 12 वर्षीय बालक गाय बांधने के लिए घर से बाहर निकला था और आकाशीय बिजली की चपेट में आ गया. दोनों को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उनकी जान नहीं बच सकी.
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चतरा में किशोरी की गई जान
चतरा जिले के लावालौंग प्रखंड स्थित रिमी गांव में एक किशोरी की वज्रपात से मौत हो गई. जानकारी के अनुसार वह आम के बगीचे के पास मौजूद थी. इसी दौरान तेज गर्जना के साथ बिजली गिरी और वह गंभीर रूप से घायल हो गई. स्थानीय लोगों ने मदद की कोशिश की, लेकिन उसकी जान नहीं बचाई जा सकी.
गुमला में युवक की मौत से शोक
गुमला जिले के रायडीह प्रखंड में एक युवक बाजार गया था. बारिश के दौरान अचानक आकाशीय बिजली गिरने से वह गंभीर रूप से झुलस गया. उसे अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया. लगातार हो रही वज्रपात की घटनाओं से ग्रामीण इलाकों में भय का माहौल है और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है.