हेमंत सोरेन ने छात्रों को दिया बातचीत का न्योता, आंदोलनकारियों ने कहा-'बात होगी तो कैमरे के सामने'

झारखंड में जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर 12 दिनों से जारी छात्र आंदोलन के बाद राज्य सरकार ने बातचीत की पहल की है.

ANI
Reepu Kumari

रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की 14वीं प्रारंभिक परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर शुरू हुआ छात्रों का आंदोलन अब राज्य की बड़ी राजनीतिक और प्रशासनिक चुनौती बन गया है. 12 दिनों से रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में लगातार धरना दे रहे अभ्यर्थियों के बढ़ते दबाव के बाद राज्य सरकार ने आखिरकार बातचीत की पहल की है. हालांकि, छात्रों ने सरकार के प्रस्ताव को उसी रूप में स्वीकार नहीं किया. प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट कर दिया कि वे बंद कमरे में बातचीत नहीं करेंगे. उनका कहना है कि सरकार के साथ होने वाली हर चर्चा मीडिया और कैमरों की मौजूदगी में सार्वजनिक रूप से होनी चाहिए, ताकि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी रहे.

सरकार ने बनाई बातचीत के लिए समिति

बढ़ते आंदोलन के बीच रांची के अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) कुमार रजत प्रदर्शन स्थल पहुंचे और छात्रों को सरकार की ओर से बातचीत का प्रस्ताव दिया. उन्होंने कहा कि छात्र पांच से सात प्रतिनिधियों का एक दल नामित करें. राज्य सरकार ने मंत्रियों और अधिकारियों की एक समिति भी गठित की है, जो छात्रों की शिकायतों पर चर्चा करेगी और समाधान निकालने का प्रयास करेगी.

छात्रों ने पारदर्शिता को बनाया सबसे बड़ा मुद्दा

प्रदर्शनकारी छात्रों ने साफ कहा कि वे किसी भी तरह की बंद कमरे की वार्ता का हिस्सा नहीं बनेंगे. उनका कहना है कि पूरी बातचीत मीडिया और कैमरों की मौजूदगी में होनी चाहिए. आंदोलन का नेतृत्व कर रहे देवेंद्र महतो, जो पिछले पांच दिनों से भूख हड़ताल पर हैं, ने कहा कि प्रतिनिधियों के नाम दिए जाएंगे, लेकिन जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं, धरना और अनशन जारी रहेगा.


जांच में तेज हुई कार्रवाई, एक और गिरफ्तारी

भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच कर रही सीआईडी ने बुधवार को टीडीपीएल एजेंसी के अकाउंटेंट रक्षक सिंह को लखनऊ से गिरफ्तार किया. वह परीक्षा संचालन से जुड़े तंत्र का हिस्सा था और स्वयं भी जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण कर चुका था. इस मामले में पांच अन्य लोगों की भी गिरफ्तारी हुई है. अब तक कुल 20 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. मामले की जांच विशेष जांच दल (एसआईटी) कर रहा है.

सीबीआई जांच की मांग पर अड़े छात्र

प्रदर्शनकारी लगातार पूरे मामले की सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं. दूसरी ओर राज्य सरकार का कहना है कि सीआईडी पहले से जांच कर रही है और कार्रवाई भी जारी है. जांच एजेंसियां डिजिटल रिकॉर्ड, आवेदन संबंधी दस्तावेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच में जुटी हैं.

राजनीतिक बयानबाजी भी हुई तेज

आंदोलन को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं. कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने छात्रों के आंदोलन का समर्थन करने की घोषणा की है. वहीं भाजपा ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी की चुप्पी पर सवाल उठाए हैं. दूसरी ओर झारखंड सरकार में मंत्री इरफान अंसारी ने कहा कि सरकार ने संवाद का रास्ता खोल दिया है और छात्रों की उचित मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा.