झारखंड HC का बड़ा फैसला, दिवंगत CCL कर्मी की अविवाहित बहन को मिलेगी अनुकंपा नियुक्ति
झारखंड हाई कोर्ट ने अनुकंपा नियुक्ति से जुड़े मामले में सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड को दिवंगत कर्मी की अविवाहित बहन को नियुक्ति देने का निर्देश दिया है. कोर्ट ने कहा कि नियम में संशोधन के बाद अविवाहित बहन को भी आश्रित की श्रेणी में शामिल किया गया है.
झारखंड हाई कोर्ट ने अनुकंपा नियुक्ति से जुड़े मामले में सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड को दिवंगत कर्मी की अविवाहित बहन को नियुक्ति देने का निर्देश दिया है. कोर्ट ने कहा कि नियम में संशोधन के बाद अविवाहित बहन को भी आश्रित की श्रेणी में शामिल किया गया है.
निर्धारित अवधि में आवेदन होने पर केवल कर्मचारी की मृत्यु संशोधन से पहले होने के आधार पर नियुक्ति से इनकार नहीं किया जा सकता. जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने अनिता देवी और स्मृति कुमारी की याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने कंपनी को निर्देश दिया कि याचिकाकर्ता स्मृति कुमारी को छह सप्ताह के भीतर नियुक्ति पत्र जारी किया जाए.
क्या है पूरा मामला?
सामने आ रहा मामला CCL कर्मी अंशु उरांव की सेवा के दौरान हुई मृत्यु से जुड़ा है. अंशु उरांव का तीन अगस्त 2023 को निधन हो गया था. इसके बाद उनकी मां अनिता देवी ने 20 दिसंबर 2023 को अपनी बेटी स्मृति कुमारी के लिए अनुकंपा नियुक्ति का आवेदन किया था.
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स्मृति कुमारी की ओर से यह आवेदन एनसीडब्ल्यूए-XI के क्लाज 9.3.0 के तहत किया गया था. हालांकि, CCL ने आवेदन खारिज करते हुए कहा था कि उस समय अविवाहित बहन को आश्रित की श्रेणी में शामिल करने का कोई प्रविधान नहीं था. इसके बाद 11 जून 2024 को जेबीसीसीआइ की स्टैंडर्डाइजेशन कमेटी ने आश्रित की परिभाषा में बदलाव किया. संशोधित प्रविधान में अविवाहित बहन को भी आश्रित के तौर पर शामिल कर लिया गया.
संशोधन के बाद दोबारा किया गया आवेदन
नियम में बदलाव के बाद स्मृति कुमारी की ओर से 18 जून 2024 को फिर से अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन किया गया. हालांकि, CCL ने इस दावे को भी स्वीकार नहीं किया. कंपनी का तर्क था कि अंशु उरांव की मृत्यु तीन अगस्त 2023 को हुई थी, जबकि अविवाहित बहन को आश्रित की श्रेणी में 11 जून 2024 को शामिल किया गया.
CCL के इस फैसले को अपीलीय स्तर पर भी बरकरार रखा गया था. इसके बाद मामला हाई कोर्ट पहुंचा. हाई कोर्ट ने कहा कि 11 जून 2024 को किया गया संशोधन उसी तारीख से प्रभावी हो गया और एनसीडब्ल्यूए-XI का हिस्सा बन गया. ऐसे में यदि अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन निर्धारित 18 माह की अवधि के भीतर किया गया है और आवेदन के समय संशोधित प्रविधान लागू हो चुका था, तो दावे पर नए नियम के अनुसार विचार किया जाना चाहिए.