'लड़ाई अभी बाकी है', CBI जांच पर अड़े छात्र, झारखंड में आज विधानसभा मार्च से गरमाएगा माहौल

झारखंड में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों और सरकार के बीच गतिरोध जारी है. सरकार ने CID और ED जांच, फास्ट ट्रैक कोर्ट और 90 दिन में चार्जशीट जैसी कार्रवाई का प्रस्ताव दिया है.

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Km Jaya

रांची: झारखंड में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों का आंदोलन जारी है. रविवार को सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच लंबी बैठक के बावजूद विवाद का समाधान नहीं हो सका. छात्रों ने सोमवार को शांतिपूर्ण विधानसभा मार्च निकालने का ऐलान किया है. 

सरकार का दावा है कि उसने छात्रों की करीब 98 प्रतिशत मांगें मान ली हैं, लेकिन छात्र नेताओं का कहना है कि उनकी सबसे अहम मांग CBI जांच अब भी स्वीकार नहीं हुई है.


कितने प्रतिशत मांगों को किया गया स्वीकार?

झारखंड के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने रविवार को छात्र प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक के बाद कहा कि सरकार ने छात्रों की करीब 98 प्रतिशत मांगों को स्वीकार कर लिया है. उन्होंने कहा कि सरकार कई परीक्षाओं को रद्द करने और कथित अनियमितताओं की जांच के लिए कार्रवाई करने पर सहमत हुई है.

14वीं JPSC परीक्षा रद्द करने पर सहमति

सरकार ने 14वीं JPSC परीक्षा और 2023 तथा 2025 की बैकलॉग भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने की मांग स्वीकार करने की बात कही है. हालांकि छात्रों की कई अन्य मांगों पर अब भी सहमति नहीं बनी है.

CID और ED जांच का प्रस्ताव

सरकार के अनुसार भर्ती परीक्षाओं में कथित आपराधिक अनियमितताओं की जांच CID करेगी. संदिग्ध वित्तीय गड़बड़ियों की जांच के लिए ED से जांच कराने का अनुरोध किया जाएगा. सरकार ने जांच की निगरानी के लिए रिटायर्ड हाईकोर्ट जज की अध्यक्षता में निगरानी समिति बनाने का प्रस्ताव भी दिया है.

90 दिन में चार्जशीट का दावा

सरकार ने कहा है कि आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई तेज करने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाया जाएगा. मंत्री के मुताबिक आरोपियों के खिलाफ 90 दिन के भीतर चार्जशीट दाखिल करने का प्रयास किया जाएगा.

CBI जांच पर सरकार और छात्रों में टकराव

छात्रों की सबसे बड़ी मांग भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की CBI जांच है. सरकार ने इस मांग को स्वीकार नहीं किया. सरकार का कहना है कि हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत आयोजित परीक्षा को वह एकतरफा रद्द नहीं कर सकती.

छात्र सरकार के 98 प्रतिशत दावे से असहमत

छात्र नेताओं ने सरकार के 98 प्रतिशत मांगें मानने के दावे को खारिज कर दिया. उनका कहना है कि प्रदर्शनकारियों ने 13 परीक्षाओं को रद्द करने की मांग की थी, लेकिन सरकार ने इनमें से केवल तीन को रद्द करने की बात मानी है.

CID जांच पर छात्रों ने उठाए सवाल

प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने CID जांच को लेकर भी आपत्ति जताई है. उनका आरोप है कि निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच के लिए CBI जैसी केंद्रीय एजेंसी की जरूरत है. छात्रों का कहना है कि इससे कथित अनियमितताओं की वास्तविक जिम्मेदारी तय करने में मदद मिलेगी.

JPSC के तीन सदस्यों ने दिया इस्तीफा

भर्ती परीक्षाओं को लेकर जारी विवाद के बीच JPSC के तीनों सदस्यों ने इस्तीफा दे दिया. CID द्वारा पूछताछ के लिए बुलाए जाने के बाद अजीता भट्टाचार्य, अनीमा हांसदा और जमाल अहमद ने इस्तीफा दिया. राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने इनके इस्तीफे स्वीकार कर लिए.

आज विधानसभा मार्च की तैयारी

रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने सोमवार को विधानसभा मार्च का ऐलान किया है. छात्रों ने राज्यभर के युवाओं से आंदोलन में शामिल होने की अपील की है. प्रदर्शनकारियों ने कहा है कि मार्च शांतिपूर्ण तरीके से निकाला जाएगा और किसी भी तरह के टकराव से बचा जाएगा.