धनबाद में प्रतिबंधित मांस को लेकर बवाल, पुलिस ने की फायरिंग और लाठीचार्ज
घटना की शुरुआत तब हुई जब गांव के कुछ बच्चे तालाब के किनारे मांस फेंका हुआ देखा. सूचना मिलते ही पूरे गांव में आग की तरह फैल गई. ग्रामीणों ने इसे प्रतिबंधित मांस बताया और सरफुद्दीन अंसारी के घर के बाहर जमा हो गए. उनका आरोप था कि घर के आसपास भी मांस फेंका गया था.
झारखंड: झारखंड के धनबाद जिले के टुंडी थाना क्षेत्र अंतर्गत बरवाटांड़ पंचायत के मोहनाद गांव में शुक्रवार शाम को प्रतिबंधित मांस मिलने के बाद भारी बवाल हो गया. सैकड़ों गुस्साए ग्रामीणों ने आरोपियों के घर को घेर लिया. स्थिति बिगड़ने पर पुलिस को भीड़ को काबू में करने के लिए हवा में तीन राउंड फायरिंग करनी पड़ी और लाठीचार्ज भी किया.
धनबाद में प्रतिबंधित मांस को लेकर बवाल
घटना की शुरुआत तब हुई जब गांव के कुछ बच्चे तालाब के किनारे मांस फेंका हुआ देखा. सूचना मिलते ही पूरे गांव में आग की तरह फैल गई. ग्रामीणों ने इसे प्रतिबंधित मांस बताया और सरफुद्दीन अंसारी के घर के बाहर जमा हो गए. उनका आरोप था कि घर के आसपास भी मांस फेंका गया था. भीड़ बढ़ती देख अशरफ अंसारी मालवाहक वाहन से घर लौट रहा था. वाहन में एक मवेशी लदा हुआ था, जिसे देखकर ग्रामीणों का गुस्सा और भड़क गया.
अशरफ और वाहन चालक किसी तरह भीड़ से बचकर घर के अंदर घुस गए. सैकड़ों लोगों ने घर को घेर लिया और आरोपियों को बाहर निकालने की मांग करने लगे.
पुलिस का एक्शन
मौके पर पहुंची पुलिस ने पहले समझाने की कोशिश की, लेकिन भीड़ नहीं मानी. स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को हवा में तीन राउंड फायरिंग करनी पड़ी. इसके बाद लाठीचार्ज किया गया. पुलिस ने तीनों आरोपियों – अशरफ अंसारी, उनके पिता सरफुद्दीन अंसारी और ड्राइवर मनव्वर अंसारी को सुरक्षित निकालकर हिरासत में ले लिया.
एसडीएम लोकेश बारंगे ने पूरे क्षेत्र में निषेधाज्ञा (सेक्शन 144) लागू कर दी है. गांव में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और तनाव अभी भी बना हुआ है. इस घटना से पूरे मोहनाद गांव में सनसनी फैल गई है. स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं गांव के माहौल को खराब करती हैं. पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपियों से पूछताछ जारी है.