रेनू भाटिया के इस्तीफे के बाद हरियाणा महिला आयोग में बड़ा बदलाव, जानिए कौन हैं उषा प्रियदर्शनी और मीना परमार

हरियाणा राज्य महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष रेनू भाटिया के इस्तीफे के बाद सरकार ने आयोग का पुनर्गठन किया है. उषा प्रियदर्शनी को नया अध्यक्ष और मीना परमार को उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है. दोनों लंबे समय से भाजपा संगठन में सक्रिय रही हैं.

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Babli Rautela

हरियाणा राज्य महिला आयोग में बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया गया है. पूर्व अध्यक्ष रेणु भाटिया के इस्तीफे के बाद राज्य सरकार ने आयोग का पुनर्गठन करते हुए नई नियुक्तियों की घोषणा की है. इस फैसले के तहत ऊषा प्रियदर्शिनी को आयोग का नया अध्यक्ष बनाया गया है, जबकि मीना परमार को उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है. सरकार के इस कदम को महिला सुरक्षा, अधिकारों और महिला संबंधित मामलों के त्वरित निस्तारण की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

कौन हैं उषा प्रियदर्शनी?

उषा प्रियदर्शनी का जन्म 12 अगस्त 1972 को राजस्थान में हुआ था. उन्होंने स्नातक तक शिक्षा प्राप्त की है. उनके पति नीरज प्रियदर्शी पेशे से अधिवक्ता हैं. वर्तमान में उनका निवास गुरुग्राम के सुशांत लोक फेज तीन क्षेत्र में है. उषा प्रियदर्शनी पिछले करीब 25 वर्षों से राजनीति में सक्रिय हैं और भारतीय जनता पार्टी से जुड़ी हुई हैं. संगठन में उन्होंने कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं. वह भाजपा ओबीसी मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष और महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष जैसे पदों पर भी कार्य कर चुकी हैं. लंबे राजनीतिक अनुभव और संगठनात्मक कार्यों के चलते उन्हें महिला आयोग की कमान सौंपी गई है.

मीना परमार को मिली उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी

मीना परमार का जन्म 10 सितंबर 1976 को हरियाणा के भिवानी जिले के गांव खरक कलां में हुआ था. उन्होंने स्नातक तक शिक्षा प्राप्त की है. उनके पति अर्जुन सिंह लेक्चरर हैं और परिवार भिवानी के सेक्टर 13 में निवास करता है. मीना परमार करीब 26 वर्षों से राजनीति में सक्रिय हैं. उन्होंने भाजपा महिला मोर्चा में कई महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं. वर्ष 2016 से 2019 तक वह महिला मोर्चा की प्रदेश उपाध्यक्ष रहीं. इसके बाद वर्ष 2021 में उन्हें महिला मोर्चा का प्रदेश महामंत्री बनाया गया. संगठन में लंबे अनुभव को देखते हुए उन्हें महिला आयोग में उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है.


रेनू भाटिया का कार्यकाल क्यों रहा चर्चा में

पूर्व अध्यक्ष रेनू भाटिया का कार्यकाल भी काफी चर्चा में रहा. उन्होंने 19 जनवरी 2022 को हरियाणा राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष के रूप में कार्यभार संभाला था. सामान्य रूप से आयोग के अध्यक्ष का कार्यकाल तीन वर्ष का होता है, लेकिन उनका कार्यकाल निर्धारित अवधि से अधिक बढ़ा दिया गया था. जनवरी 2025 में उनका कार्यकाल पूरा हो गया था, लेकिन महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से जारी आदेश के बाद उन्हें अगले आदेश तक पद पर बनाए रखा गया. इस निर्णय को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर बहस भी देखने को मिली.

नई नियुक्तियों के बाद उम्मीद की जा रही है कि हरियाणा महिला आयोग महिला सुरक्षा, घरेलू हिंसा, कार्यस्थल पर उत्पीड़न और महिलाओं के अधिकारों से जुड़े मामलों पर और अधिक सक्रिय भूमिका निभाएगा. उषा प्रियदर्शनी और मीना परमार दोनों लंबे समय से सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों से जुड़ी रही हैं. ऐसे में आयोग के नए नेतृत्व से महिलाओं के हितों से जुड़े मुद्दों पर तेज और प्रभावी कार्रवाई की उम्मीद जताई जा रही है.