सर्दी से पहले गुरुग्राम का प्रदूषण प्लान तैयार, 8 स्टेशन और 396 KM सड़कें बदलेंगी तस्वीर?

सर्दियों में बढ़ने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए नगर निगम ने तैयारियां तेज कर दी हैं. सड़क की धूल, सीएंडडी कचरा, एयर मॉनीटरिंग और ट्रैफिक जाम पर विभागवार लक्ष्य तय किए गए हैं.

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Meenu Singh

सर्दियों में वायु गुणवत्ता खराब होने की आशंका के बीच नगर निगम ने प्रदूषण नियंत्रण की तैयारियों को गति दी है. मंगलवार को निगमायुक्त प्रदीप दहिया की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक हुई. इसमें आगामी ग्रेप अवधि से पहले जरूरी संसाधन और व्यवस्थाएं पूरी करने के निर्देश दिए गए. सड़क की धूल कम करने, रियल टाइम एयर क्वालिटी मॉनीटरिंग बढ़ाने, निर्माण एवं विध्वंस कचरे के निस्तारण और ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने को लेकर विभागों को स्पष्ट लक्ष्य दिए गए हैं.

सड़क की धूल पर रहेगा फोकस

निगम ने 404.61 किलोमीटर सड़क नेटवर्क को मैकेनिकल स्वीपिंग के लिए उपयुक्त माना है. इसके लिए निगम के पास 24 मशीनें हैं, जिनसे रोजाना 600 किलोमीटर से ज्यादा चार लेन सड़क की सफाई का प्रावधान है. मशीनों का संचालन मुख्य रूप से रात नौ बजे से सुबह सात बजे तक किया जाता है. सड़क से उड़ने वाली धूल को प्रदूषण का प्रमुख स्रोत मानते हुए इसकी रोकथाम पर विशेष जोर दिया जा रहा है.

आठ मॉनीटरिंग स्टेशन होंगे

शहर में वायु गुणवत्ता पर नजर रखने के लिए मौजूदा तीन एयर क्वालिटी मॉनीटरिंग स्टेशन की संख्या बढ़ाकर आठ करने का लक्ष्य रखा गया है. पांच नए स्टेशनों के लिए गैप चिन्हित किए गए हैं और दिसंबर 2026 तक इन्हें स्थापित करने की समयसीमा तय की गई है. इन केंद्रों से अलग अलग इलाकों में प्रदूषण का रियल टाइम डेटा जुटाने में मदद मिलेगी, जिसके आधार पर नियंत्रण उपाय लागू किए जा सकेंगे.


सीएंडडी कचरे पर निगरानी

निर्माण एवं विध्वंस कचरे के निस्तारण के लिए शहर में 1500 टन प्रतिदिन की प्रोसेसिंग क्षमता उपलब्ध है. 12 सेकेंडरी कलेक्शन प्वाइंट को सीएंडडी वेस्ट पोर्टल पर लाइव किया जा चुका है. जनवरी से अगस्त 2026 के बीच 3.38 लाख टन से अधिक सीएंडडी कचरे का ऑफटेक किया गया. निगरानी मजबूत करने के लिए वेब कैमरे लगाने पर भी जोर दिया जा रहा है.

396 किमी सड़कों के सुधार का लक्ष्य

नगर निगम ने 2026 में 396 किलोमीटर सड़कों के पुनर्विकास का लक्ष्य रखा है. अब तक 179.04 किलोमीटर सड़क का काम पूरा हो चुका है. ट्रैफिक दबाव घटाने के लिए 31 कंजेशन हॉटस्पॉट चिन्हित किए गए हैं, जिनमें चार स्थानों पर काम पूरा हो चुका है. बैठक में आईटीएमएस, एएनपीआर कैमरों और ट्रैफिक प्रबंधन से जुड़े कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की गई.