हरियाणा बिजली विभाग में 13 अधिकारियों को मिला प्रमोशन, 2 की अटकी फाइल; जानें वजह

हरियाणा के डीएचबीवीएन ने 13 कार्यकारी अभियंताओं को अधीक्षण अभियंता पद पर पदोन्नत किया है. हिसार को सबसे अधिक नई जिम्मेदारियां मिली हैं.

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Km Jaya

चंडीगढ़: हरियाणा के बिजली विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है. दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (डीएचबीवीएन) ने 13 कार्यकारी अभियंताओं (XEN) को अधीक्षण अभियंता (SE) पद पर पदोन्नत करते हुए नई जिम्मेदारियां सौंपी हैं. यह आदेश प्रबंध निदेशक विक्रम सिंह की मंजूरी के बाद तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं. 

इस फेरबदल का सबसे अधिक असर हिसार मुख्यालय में देखने को मिला है, जहां कई अधिकारियों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी गई हैं. निगम के अनुसार सभी पदोन्नत अधिकारियों को पे मैट्रिक्स लेवल 14 में अधीक्षण अभियंता बनाया गया है. सभी अधिकारी एक वर्ष की परिवीक्षा अवधि पर रहेंगे और उन्हें निर्धारित समय के भीतर अपनी नई तैनाती पर कार्यभार संभालना होगा. 

किसे कहां मिली जिम्मेदारी?

यदि कोई अधिकारी तय समय सीमा में कार्यभार ग्रहण नहीं करता है तो उसकी पदोन्नति निरस्त मानी जाएगी. नई तैनातियों के तहत विजय पाल को रेवाड़ी, प्रवीण यादव को गुरुग्राम, अमित कम्बोज को फरीदाबाद, आशुतोष कुमार पांचाल को सिरसा और जितेंद्र सिंह धुल को भिवानी में जिम्मेदारी दी गई है. इसके अलावा अन्य पदोन्नत अधिकारियों को भी विभिन्न जिलों और परियोजनाओं में नियुक्त किया गया है ताकि बिजली व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाया जा सके.


इस प्रशासनिक फेरबदल में अतिरिक्त जिम्मेदारियां भी सौंपी गई हैं. विजेंद्र सिंह को हिसार में एसई सीबीओ के साथ एसई आरएपीडीआरपी का अतिरिक्त कार्यभार दिया गया है. अविनाश यादव को एसई सिविल हिसार का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है. वहीं विकास कादियान पंचकूला स्थित एचईपीसी में अपनी वर्तमान जिम्मेदारी निभाने के साथ एसई आईटी हिसार का कार्य भी देखेंगे.

किसकी रोकी गई पदोन्नति?

वहीं दिनेश शर्मा और शमशेर सिंह की पदोन्नति फिलहाल रोक दी गई है. विभाग ने बताया कि दोनों अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई लंबित होने के कारण उनकी फाइलें अभी मंजूर नहीं की गई हैं. उन्हें फिलहाल वेटिंग सूची में रखा गया है.

डीएचबीवीएन के प्रबंध निदेशक ने क्या कहा?

डीएचबीवीएन के प्रबंध निदेशक विक्रम सिंह ने कहा कि निगम के प्रशासनिक ढांचे को अधिक मजबूत, जवाबदेह और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से यह बदलाव किए गए हैं. उनका कहना है कि नई नियुक्तियों और पदोन्नतियों से परियोजनाओं के संचालन में तेजी आएगी और विभिन्न सर्किलों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा.

निगम का मानना है कि इस प्रशासनिक फेरबदल से उपभोक्ताओं को अधिक विश्वसनीय, गुणवत्तापूर्ण और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी. साथ ही बिजली वितरण व्यवस्था को आधुनिक और अधिक दक्ष बनाने की दिशा में यह कदम महत्वपूर्ण साबित होगा.