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India Daily

हरियाणा में आयुष्मान योजना के गलत इस्तेमाल पर लगेगी लगाम, CCTV से रखी जाएगी ICU और HDU पर नजर

गुरुग्राम से आई रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार को उम्मीद है कि इस कदम से स्वास्थ्य बीमा योजना में हो रहे दुरुपयोग पर प्रभावी रोक लगेगी.

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Edited By: Princy Sharma
हरियाणा में आयुष्मान योजना के गलत इस्तेमाल पर लगेगी लगाम, CCTV से रखी जाएगी ICU और HDU पर नजर
Courtesy: Pinterest


हरियाणा: हरियाणा सरकार ने आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB-PMJAY) के तहत निगरानी को और सख्त करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है. एक नए आदेश में योजना के तहत सभी सूचीबद्ध अस्पतालों को इंटेंसिव केयर यूनिट (ICU) और हाई डिपेंडेंसी यूनिट (HDU) में भर्ती मरीजों को लाइव CCTV निगरानी में रखने का निर्देश दिया गया है. 

निर्देश के अनुसार, अस्पतालों को लाइव CCTV फीड स्टेट हेल्थ एजेंसी के साथ शेयर करना होगा. इससे अधिकारियों को वेरिफिकेशन, निगरानी और इंश्योरेंस क्लेम की आसान प्रोसेसिंग में मदद मिलेगी. सरकार का मानना ​​है कि इस कदम से हेल्थ इंश्योरेंस योजना के गलत इस्तेमाल को रोका जा सकेगा और यह सुनिश्चित होगा कि इसका फायदा सिर्फ असली लाभार्थियों तक ही पहुंचे.

फर्जी एडमिशन के मामले आए सामने

यह आदेश बुधवार को आयुष्मान भारत-हरियाणा हेल्थ प्रोटेक्शन अथॉरिटी के CEO ने जारी किया. गुरुग्राम से मिली एक रिपोर्ट के अनुसार, अधिकारियों का मानना ​​है कि कड़ी निगरानी जरूरी है क्योंकि पहले भी फर्जी एडमिशन और धोखाधड़ी वाले क्लेम के कई मामले सामने आए हैं. हरियाणा और पड़ोसी राज्यों में इस तरह के गलत इस्तेमाल से सरकार को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है.

ICU या HDU पर होगी कड़ी नजर

नई व्यवस्था के तहत, आयुष्मान योजना के तहत ICU या HDU में भर्ती हर मरीज पर कैमरों के जरिए कड़ी नजर रखी जाएगी. इससे अस्पतालों के लिए झूठे एडमिशन दिखाना या ज्यादा इंश्योरेंस राशि क्लेम करने के लिए मरीजों को बेवजह क्रिटिकल केयर यूनिट में रखना मुश्किल हो जाएगा.

अधिकारियों का कहना है कि इस कदम से योजना में ज्यादा पारदर्शिता आएगी. सिर्फ उन्हीं मरीजों को ICU या HDU की सुविधा मिलेगी जिन्हें सच में क्रिटिकल केयर की जरूरत है. इससे आयुष्मान भारत योजना की विश्वसनीयता भी बढ़ेगी, जो गरीब और जरूरतमंद परिवारों को मुफ्त इलाज देती है.

इन चीजों की करनी होगी तैयारी

हालांकि, अस्पतालों को शुरुआत में कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है. उन्हें CCTV कैमरे लगाने होंगे, बिजली की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करनी होगी और स्टेट एजेंसी के साथ लाइव फीड को सुरक्षित रूप से शेयर करने की व्यवस्था करनी होगी. इसके बावजूद, सरकार का मानना ​​है कि फायदे मुश्किलों से कहीं  ज्यादा हैं.

इस फैसले का मुख्य मकसद सिर्फ गलत इस्तेमाल को रोकना नहीं है, बल्कि सूचीबद्ध अस्पतालों की जवाबदेही भी बढ़ाना है. कड़ी निगरानी रखकर, सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि मुफ्त स्वास्थ्य सेवाएं योग्य परिवारों तक निष्पक्ष और प्रभावी ढंग से पहुंचें.