IPL 2026 US Israel Iran War

दिल्ली-NCR में आज भारी बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी, 6 अप्रैल तक कर लें ये काम

उत्तर भारत में सक्रिय शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ के कारण दिल्ली-एनसीआर सहित कई राज्यों में भारी बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की गई है. मौसम विभाग ने किसानों को 6 अप्रैल तक फसल कटाई पूरी करने की सलाह दी है, क्योंकि 7 से 9 अप्रैल के बीच मौसम और भी रौद्र रूप अख्तियार कर सकता है.

Social Media
Kanhaiya Kumar Jha

नई दिल्ली: अगर आप आज शाम घर से बाहर निकलने की योजना बना रहे हैं, तो अपने साथ छाता रखना न भूलें. दिल्ली-एनसीआर और हरियाणा के कुछ हिस्सों में आज शाम से रात के बीच गरज-चमक के साथ बारिश और ओले गिरने की प्रबल संभावना है. मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, आज बारिश की संभावना 50 से 70 प्रतिशत तक है.

हैरानी की बात यह है कि अप्रैल की झुलसाने वाली गर्मी के बीच दिल्ली में इन दिनों 'अगस्त' जैसा अहसास हो रहा है. आसमान में छाय घने बादल, ठंडी हवाएं और बीच-बीच में बादलों की गड़गड़ाहट ने मौसम को पूरी तरह बदल दिया है. इस बदलाव के पीछे 'पश्चिमी विक्षोभ' (Western Disturbance) का हाथ है, जो भूमध्य सागर से नमी लेकर उत्तर भारत में बारिश और ओलावृष्टि कराता है. 3 और 4 अप्रैल को आए शक्तिशाली विक्षोभ का असर अब भी बना हुआ है.

NCR के इन इलाकों में अधिक खतरा

आज रात होने वाली बारिश 'पैची' (छिटपुट) प्रकृति की होगी, जिसका अर्थ है कि शहर के एक हिस्से में भारी बारिश हो सकती है जबकि दूसरा हिस्सा पूरी तरह सूखा रह सकता है. गुरुग्राम, दक्षिण दिल्ली, फरीदाबाद और नोएडा में शाम के समय मौसम बिगड़ने की सबसे अधिक संभावना है. हालांकि, पूरे एनसीआर का लगभग 50 से 60 प्रतिशत हिस्सा सूखा रहने की उम्मीद है.

किसानों के लिए 'रेड अलर्ट': 6 अप्रैल तक निपटा लें काम 

7 से 9 अप्रैल के बीच एक और अधिक शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ देश के एक बड़े हिस्से पर अपना कहर बरपाने वाला है. इसका असर राजस्थान, दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू, पंजाब, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, उत्तरी मध्य प्रदेश और पूर्वोत्तर भारत तक देखा जाएगा. यह सिस्टम भारत के लगभग 30 से 40 प्रतिशत क्षेत्र को प्रभावित करेगा.

3 और 4 अप्रैल को हुई ओलावृष्टि ने पहले ही राजस्थान और पंजाब में गेहूं की फसल को 'गोल्फ की गेंद' जितने बड़े ओलों से भारी नुकसान पहुँचाया है. अब उससे भी बड़ा खतरा मंडरा रहा है. इसलिए, जिन किसानों की गेहूं की फसल कटाई के लिए तैयार है, उन्हें सलाह दी जाती है कि वे 6 अप्रैल (सोमवार) से पहले हर हाल में अपनी फसल काट लें.

10 अप्रैल के बाद लौटेगी 'भीषण गर्मी' 

राहत की बात बस इतनी है कि 10 अप्रैल के बाद इन विक्षोभों का सिलसिला थम जाएगा. लेकिन इसके तुरंत बाद गर्मी अपना असली रंग दिखाएगी. अप्रैल का दूसरा पखवाड़ा बेहद शुष्क और झुलसाने वाली गर्मी वाला होगा, इसलिए आने वाले कुछ दिन ही इस ठंडक का आनंद लिया जा सकता है.