गुप्त ठिकाने में छिपे ईरानी नेता मोजतबा खामेनेई! संदेश पहुंचाने के लिए दूतों का ले रहे सहारा; रिपोर्ट में बड़ा दावा
अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से आई एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ईरान के नेता मोजतबा खामेनेई एक गुप्त ठिकाने पर छिपे हुए हैं और बाहरी दुनिया से उनका संपर्क बेहद सीमित है.
नई दिल्ली: ईरान के नेता मोजतबा खामेनेई को लेकर बड़ा दावा सामने आया है. अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से आई एक रिपोर्ट के मुताबिक मोजतबा खामेनेई इस समय किसी गुप्त स्थान पर छिपे हुए हैं और बाहरी दुनिया से उनका संपर्क लगभग कट चुका है. रिपोर्ट में कहा गया है कि उनसे संपर्क केवल दूतों और संदेशवाहकों के जटिल नेटवर्क के जरिए ही संभव हो पा रहा है.
रिपोर्ट के अनुसार यह असामान्य संचार व्यवस्था अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते को लेकर चल रही बातचीत में बड़ी बाधा बन गई है. बताया गया है कि अमेरिकी प्रशासन की ओर से भेजे गए प्रस्ताव और समझौते से जुड़ी जानकारी ईरान तक पहुंचने में काफी समय लग रहा है. कारण यह है कि संदेशों को कई स्तरों के दूतों के जरिए मोजतबा खामेनेई तक पहुंचाया जा रहा है.
अमेरिकी अधिकारियों का क्या है कहना?
अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि यहां तक कि ईरान सरकार के कई बड़े अधिकारी भी खामेनेई की सही लोकेशन नहीं जानते. उनसे सीधे संपर्क का कोई रास्ता नहीं है. यही वजह है कि किसी भी फैसले या जवाब में काफी देरी हो रही है. अधिकारियों के मुताबिक जब भी अमेरिका कोई प्रस्ताव भेजता है तो उसका जवाब आने में लंबा समय लग जाता है.
रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि अमेरिकी और इजरायली खुफिया एजेंसियों को ईरान सरकार के अंदर से मिली जानकारी के कारण युद्ध के दौरान ईरान के कई बड़े नेताओं को निशाना बनाना संभव हो पाया था. इसी वजह से अब ईरानी नेतृत्व बेहद सतर्क हो गया है.
रिपोर्ट में क्या आया सामने?
बताया जा रहा है कि मोजतबा खामेनेई अमेरिकी-इजरायली हमलों के बाद अपनी सुरक्षा को लेकर बेहद सावधानी बरत रहे हैं. रिपोर्ट में दावा किया गया है कि वह लंबे समय से सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आए हैं. यहां तक कि कई ईरानी नेता भी अब बंकरों में रह रहे हैं और बहुत जरूरी होने पर ही एक-दूसरे से संपर्क कर रहे हैं.
हालांकि व्हाइट हाउस की ओर से इस रिपोर्ट पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की गई है. व्हाइट हाउस के प्रवक्ता ने खामेनेई की लोकेशन या ईरानी संचार व्यवस्था से जुड़ी खुफिया जानकारी पर बोलने से इनकार कर दिया. इस रिपोर्ट ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति और पश्चिम एशिया की सुरक्षा स्थिति को लेकर नई चर्चाएं शुरू कर दी हैं. हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हो सकी है.