राजधानी दिल्ली के बुराड़ी इलाके में खराब सड़कों और बदहाल इंफ्रास्ट्रक्चर के खिलाफ लोगों का गुस्सा अब खुलकर सामने आ गया है। “बुराड़ी बंद” के आह्वान पर रविवार को स्थानीय निवासियों ने बड़े पैमाने पर विरोध मार्च निकाला और प्रशासन के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया।
बुराड़ी मेन रोड पर सैकड़ों की संख्या में लोग हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर सड़कों पर उतरे। प्रदर्शनकारियों ने खास तौर पर 100 फुटा रोड की जर्जर हालत, धूल-गंदगी और जलभराव की समस्या को लेकर नाराजगी जताई। जब प्रदर्शनकारी स्थानीय विधायक के घर की ओर बढ़ने लगे तो पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रोक दिया। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रही और प्रदर्शनकारियों को बैरिकेडिंग से वापस कर दिया।
प्रदर्शन में शामिल आम लोगों ने इंडिया डेली संवाददाता पंकज राय से बातचीत में बताया कि यह समस्या पिछले चार-पांच वर्षों से बनी हुई है। लोगों को रोजाना टूटे-फूटे, धूल भरे और पानी से भरे रास्तों से गुजरना पड़ता है, जिससे उनकी जिंदगी मुश्किल हो गई है।
स्थानीय मंदिर के पुजारी और गली में रहने वाले लोगों ने बताया कि इलाके की हालत इतनी खराब है कि पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। हाल ही में हनुमान जन्मोत्सव के मौके पर लोगों ने चंदा इकट्ठा कर गली में मलबा डलवाकर अस्थायी व्यवस्था करनी पड़ी।
यह आंदोलन ‘वॉयस ऑफ बुराड़ी’ और आरडब्ल्यूए फेडरेशन के बैनर तले आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में दुकानदार, बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे शामिल हुए। बुराड़ी फेडरेशन के अध्यक्ष ने कहा कि यह पूरे इलाके की आवाज है और अगर एक महीने के भीतर हालात नहीं सुधरे तो इससे भी बड़ा जनआंदोलन किया जाएगा।
आरडब्ल्यूए के प्रतिनिधियों ने भी प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि खराब सड़कें, धूल और गंदा पानी लोगों की सेहत पर बुरा असर डाल रहे हैं। वहीं एक महिला प्रदर्शनकारी ने कहा कि बच्चे और बुजुर्ग बीमार हो रहे हैं और लोग रोजाना इन खतरनाक हालात में आने-जाने को मजबूर हैं। बुराड़ी बंद” के चलते इलाके में यातायात प्रभावित रही मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रही।
इनपुट: पंकज राय