Suraksha Chakra Exercise: आपदा में एकजुटता, दिल्ली-NCR में बड़ी मॉक ड्रिल 'सुरक्षा चक्र' का अभ्यास, जानें क्या है इसका उद्देश्य

दिल्ली कैंट में NDMA और सेना के सहयोग से तीन दिवसीय आपदा प्रबंधन अभ्यास 'EXERCISE SURAKSHA CHAKRA' शुरू हुआ. यह NCR क्षेत्र के 18 जिलों में भूकंप और रासायनिक आपदाओं की तैयारी का मूल्यांकन करेगा. विशेषज्ञों की भागीदारी से संयुक्त रणनीति पर जोर दिया गया है.

Social Media
Km Jaya

Suraksha Chakra Exercise: दिल्ली कैंट स्थित मानेकशॉ सेंटर में ‘EXERCISE SURAKSHA CHAKRA’ के नाम से तीन दिवसीय समेकित आपदा प्रबंधन संगोष्ठी और मॉक एक्सरसाइज की शुरुआत हुई. यह अभ्यास हेडक्वार्टर दिल्ली एरिया के तत्वावधान में राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण यानी NDMA और दिल्ली, हरियाणा व उत्तर प्रदेश की राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरणों (SDMAs) के सहयोग से आयोजित किया गया.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस अभ्यास का उद्देश्य दिल्ली-NCR क्षेत्र में संभावित आपदाओं, विशेषकर भूकंप और औद्योगिक रासायनिक खतरे, के लिए तैयारियों की जांच करना और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय को सशक्त बनाना है. यह आयोजन राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के 18 जिलों, जिसमें दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश जिलों को कवर करेगा.

राजेन्द्र सिंह ने शुरू की कार्यवाही 

कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में NDMA के प्रमुख राजेन्द्र सिंह ने कार्यवाही शुरू की. जिसका उद्घाटन भाषण पश्चिमी कमान के जनरल ऑफिसर लेफ्टिनेंट जनरल मनोज कुमार कटियार ने दिया. उन्होंने आपदा जोखिम का आकलन करने, संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान करने और आवश्यक संसाधनों की पूर्व-तैनाती की आवश्यकता पर बल दिया.

आपदा खतरों की विस्तृत जानकारी 

दिल्ली एरिया के जनरल ऑफिसर कमांडिंग लेफ्टिनेंट जनरल भवनीश कुमार ने दिल्ली क्षेत्र में आपदा खतरों की विस्तृत जानकारी दी और बताया कि विभिन्न एजेंसियां इन खतरों को कम करने के लिए किस प्रकार कार्य कर रही हैं.

प्रतिक्रिया क्षमताओं पर चर्चा 

पहले दिन विशेषज्ञों ने NCR क्षेत्र में आपदा जोखिम, तैयारियों और प्रतिक्रिया क्षमताओं पर चर्चा की. एजेंसियों द्वारा उपयोग की जा रही उन्नत राहत एवं बचाव उपकरणों की प्रदर्शनी भी आयोजित की गई, जिसमें NDRF और अन्य तकनीकी साझेदारों ने भाग लिया.

संयुक्त आपदा प्रबंधन व्यवस्था 

यह संगोष्ठी भारत की संयुक्त आपदा प्रबंधन व्यवस्था को संस्थागत रूप देने की दिशा में एक अहम कदम है. इसमें रणनीतिक योजना और जमीनी अनुभव को जोड़ा जा रहा है ताकि देश आपदाओं का प्रभाव कम कर, तेजी से पुनर्निर्माण की दिशा में बढ़ सके.

एजेंसियों की भागीदारी 

एक सिम्युलेटेड मॉक ड्रिल 1 अगस्त 2025 को सभी एजेंसियों की भागीदारी से आयोजित की जाएगी, जिसमें रियल-टाइम आपातकालीन स्थिति का अभ्यास किया जाएगा.