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India Daily

दिल्ली रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ की सतर्कता, एम्बुलेंस में जन्मी नन्हीं जान, मां-बेटी सुरक्षित

मंगलवार रात करीब 8:50 बजे की बात है. फरक्का एक्सप्रेस (ट्रेन नंबर 15744) का जनरल कोच यात्रियों से भरा हुआ था. तभी एक गर्भवती यात्री को तेज दर्द शुरू हो गया. वह चीखने-चिल्लाने लगी और स्थिति बेकाबू होती दिखी.

Gyanendra Sharma
दिल्ली रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ की सतर्कता, एम्बुलेंस में जन्मी नन्हीं जान, मां-बेटी सुरक्षित
Courtesy: Social Media

नई दिल्ली: ओल्ड दिल्ली रेलवे स्टेशन पर मंगलवार रात आरपीएफ टीम की त्वरित कार्रवाई ने न केवल एक गर्भवती महिला की जान बचाई, बल्कि एक नई जिंदगी को भी दुनिया में लाने में अहम भूमिका निभाई. ट्रेन के अंदर अचानक प्रसव पीड़ा शुरू होने पर टीम ने फौरन मदद की, और रास्ते में ही एम्बुलेंस के अंदर बच्ची ने जन्म लिया.

जानकारी के अनुसार, मंगलवार रात करीब 8:50 बजे फरक्का एक्सप्रेस (ट्रेन नंबर 15744) के जनरल कोच में सफर कर रही एक गर्भवती महिला को अचानक तेज प्रसव पीड़ा हुई. मौके पर तैनात एएसआई दिपेन लहकर और कांस्टेबल करमवीर (ई कंपनी, 4 बटालियन आरपीएसएफ) ने स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए तुरंत आरपीएफ पोस्ट को सूचित किया.

अस्पताल ले जाते समय महिला ने स्वस्थ बच्ची को दिया जन्म

इंस्पेक्टर निलेश कुमार के निर्देश पर लेडी कांस्टेबल सबिता फौरन घटनास्थल पर पहुंचीं. टीम ने महिला को ट्रेन से सुरक्षित निकालकर स्टेशन की पार्किंग तक लाया और एम्बुलेंस बुलाई. अस्पताल ले जाते समय ही एम्बुलेंस के अंदर महिला ने एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दे दिया.

मां-बेटी सुरक्षित

अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने मां और नवजात शिशु की जांच की, जहां दोनों को पूरी तरह स्वस्थ पाया गया. आरपीएफ की इस मुस्तैदी ने न केवल महिला की जान बचाई, बल्कि समय पर चिकित्सा सहायता सुनिश्चित कर एक खुशी का पल भी बनाया. रेलवे अधिकारियों ने टीम की सराहना की है.

आरपीएफ की हो रही तारीफ

आरपीएफ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि हमारी टीम नियमित रूप से मेडिकल इमरजेंसी ट्रेनिंग लेती है. इस घटना में एएसआई दिपेन और कांस्टेबल करमवीर की सजगता ने दो जिंदगियां बचाईं. उन्होंने यह भी कहा कि रेलवे स्टेशनों पर अब फर्स्ट-एड किट और ऑक्सीजन सिलेंडर हमेशा उपलब्ध रहते हैं, जो ऐसे मौकों पर काम आते हैं.

इनपुट-पंकज राय