नई दिल्ली: दिल्ली में भले ही पिछले दो दिनों से बारिश नहीं हुई हो, लेकिन पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश का असर राजधानी में साफ दिखाई देने लगा है. हथिनीकुंड बैराज से अतिरिक्त पानी छोड़े जाने के बाद यमुना नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा है.
रविवार रात 9 बजे पुराने लोहे के पुल के पास यमुना का जलस्तर 203.33 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान से करीब दो मीटर नीचे है. फिलहाल प्रशासन ने लोगों से घबराने की जरूरत नहीं बताई है, लेकिन स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है.
मौसम विभाग के अनुसार पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश के कारण यमुना में पानी का प्रवाह बढ़ा है. हालांकि अभी जलस्तर चेतावनी स्तर 204.50 मीटर से नीचे है. अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल बाढ़ जैसी स्थिति नहीं है और नदी की निगरानी लगातार की जा रही है. पुराने लोहे के पुल के समानांतर नया रेल पुल बनने के कारण रेल यातायात प्रभावित होने की आशंका भी नहीं है.
दूसरी ओर राजधानी दिल्ली में बारिश नहीं होने से लोगों को उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ रहा है. रविवार को पूरे दिन बादलों की आवाजाही रही, लेकिन बारिश नहीं हुई. इससे तापमान और नमी दोनों बढ़े रहे, जिसके कारण लोगों को काफी परेशानी हुई.
भारतीय मौसम विभाग के अनुसार अगले एक सप्ताह तक दिल्ली में मौसम का यही रुख बना रह सकता है. इस दौरान हल्के बादल छाए रह सकते हैं, लेकिन व्यापक बारिश की संभावना कम है. लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिलने के आसार फिलहाल नजर नहीं आ रहे हैं.
रविवार को दिल्ली के सफदरजंग मौसम केंद्र में अधिकतम तापमान 36.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1.3 डिग्री अधिक रहा. वहीं न्यूनतम तापमान 28.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से एक डिग्री ज्यादा था. दिन के दौरान हवा में नमी का अधिकतम स्तर 83 प्रतिशत तक पहुंच गया.
मौसम विभाग के अनुसार अधिक नमी के कारण लोगों को वास्तविक तापमान से कहीं अधिक गर्मी महसूस हुई. शाम करीब 5:30 बजे महसूस किया गया तापमान 45.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जिससे बाहर निकलने वाले लोगों को भीषण उमस का सामना करना पड़ा.