दिल्ली में महिलाओं के लिए सार्वजनिक परिवहन को ज्यादा सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने की दिशा में सरकार ने नई पहल शुरू की है. लेडीज स्पेशल बस सेवा का दायरा बढ़ाते हुए 50 अतिरिक्त बसें शामिल करने का फैसला लिया गया है.
इनमें छात्राओं के लिए विशेष यूनिवर्सिटी बसें भी होंगी. सरकार का उद्देश्य महिलाओं को भीड़भाड़ वाले रूटों पर बेहतर यात्रा सुविधा उपलब्ध कराना और सुरक्षित सफर सुनिश्चित करना है.
परिवहन विभाग के अनुसार नई 50 बसों में 25 बसें यूनिवर्सिटी स्पेशल के रूप में छात्राओं के लिए चलाई जाएंगी. शेष 25 बसों का संचालन बाहरी दिल्ली के विभिन्न इलाकों में होगा. विभाग ऐसे मार्गों की पहचान कर रहा है जहां महिलाओं की यात्रा की मांग ज्यादा है और अतिरिक्त बसों की जरूरत महसूस की जा रही है.
अधिकारियों का कहना है कि लेडीज स्पेशल बसों में केवल महिला यात्रियों को सफर की अनुमति होगी. नई बसों में सुरक्षा व्यवस्था को पहले से अधिक मजबूत बनाया जाएगा. सरकार चाहती है कि महिलाओं को सफर के दौरान सुरक्षित और भरोसेमंद परिवहन सुविधा मिले, इसलिए संचालन व्यवस्था को भी अधिक व्यवस्थित किया जा रहा है.
सरकार पिंक सहेली कार्ड और मौजूदा पिंक टिकट व्यवस्था के आंकड़ों का अध्ययन कर रही है. एक अगस्त से मुफ्त यात्रा के लिए महिलाओं के पास पिंक सहेली कार्ड होना जरूरी होगा. डीटीसी और क्लस्टर बसों में यात्रा शुरू करने से पहले कार्ड को टैप करना अनिवार्य रहेगा. कागजी पिंक टिकट केवल 31 जुलाई तक जारी किए जाएंगे.
हाल ही में दिल्ली सरकार ने परिवहन बेड़े में 300 नई इलेक्ट्रिक बसें शामिल की हैं. इसके बाद डीटीसी के पास कुल 6600 बसें हो गई हैं, जिनमें 4845 इलेक्ट्रिक और 1755 सीएनजी बसें शामिल हैं. सरकार का लक्ष्य वर्ष 2028-29 तक राजधानी की सड़कों पर लगभग 14000 बसें संचालित करना है.
सरकार का मानना है कि नई लेडीज स्पेशल बसों और पिंक सहेली कार्ड व्यवस्था से महिलाओं की यात्रा पहले से अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक बनेगी. छात्राओं, नौकरीपेशा महिलाओं और नियमित यात्रियों को इसका सीधा लाभ मिलेगा. परिवहन विभाग लगातार ऐसे रूटों की पहचान कर रहा है जहां इस सेवा की सबसे अधिक आवश्यकता है.