भाजपा सांसद ने उठाई नई दिल्ली रेलवे स्टेशन का नाम बदलने की उठी मांग, वजह है बेहद खास
चांदनी चौक से लोकसभा सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर नई दिल्ली रेलवे स्टेशन का नाम पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर करने की मांग की है.
चांदनी चौक से लोकसभा सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर नई दिल्ली रेलवे स्टेशन का नाम पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर करने की मांग की है.
अटल जी की स्मृति को अमर करने की पहल
खंडेलवाल ने इस नामकरण को एक महत्वपूर्ण और भावनात्मक पहल बताया, जो दो बार प्रधानमंत्री रहे अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृति को अमर करेगी. खंडेलवाल ने वैष्णव को लिखे पत्र में कहा, “मैं आपसे विनम्र अनुरोध करता हूं कि नई दिल्ली रेलवे स्टेशन का नाम ‘अटल बिहारी वाजपेयी रेलवे स्टेशन’ करने पर विचार करें, जो भारत के सबसे सम्मानित राजनेताओं और पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी को सम्मान देने का प्रयास है.”
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उन्होंने आगे कहा, “नई दिल्ली रेलवे स्टेशन न केवल भारत की राजधानी का प्रमुख रेल प्रवेश द्वार है, बल्कि देश का सबसे व्यस्त और प्रतिष्ठित स्टेशन भी है. इसकी केंद्रीय स्थिति इसे एक राष्ट्रीय हस्ती के नाम पर रखने के लिए उपयुक्त बनाती है, जिनका जीवन और विरासत लाखों लोगों को प्रेरित करती है.”
वाजपेयी का योगदान
बीजेपी सांसद ने कहा कि वाजपेयी ने अपना जीवन राष्ट्रीय सेवा, लोकतांत्रिक मूल्यों और समावेशी विकास के लिए समर्पित किया. खंडेलवाल ने कहा, “उनके कार्यकाल में भारत ने बुनियादी ढांचे, परमाणु शक्ति, वैश्विक मान्यता और अर्थव्यवस्था में ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल कीं. उन्होंने न केवल एक राजनेता के रूप में, बल्कि एक विचारक, कवि और प्रेरक व्यक्तित्व के रूप में देश को दिशा दी.”
अन्य स्टेशनों का उदाहरण
खंडेलवाल ने मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस और बेंगलुरु के क्रांतिवीर संगोली रायन्ना स्टेशन का उदाहरण देते हुए कहा कि राष्ट्रीय राजधानी के इस स्टेशन को भी बीजेपी के पहले प्रधानमंत्री के नाम पर समर्पित करना चाहिए, जिन्होंने 1996 और 1998-2004 तक शासन किया.
पुरानी दिल्ली स्टेशन के लिए भी मांग
खंडेलवाल ने पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन का नाम महाराजा अग्रसेन के नाम पर करने की भी मांग की, जिसे दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पहले समर्थन दे चुकी हैं. सांसद ने कहा कि वह जल्द ही रेल मंत्री से मिलकर अपनी मांग रखेंगे और आगामी मानसून सत्र में इसे संसद में उठाएंगे.