CJP Protest Day 2: दिल्ली में एक बार फिर सियासी हलचल तेज हो गई है. मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने रविवार को फिर प्रदर्शन करने का ऐलान किया है. पार्टी के कार्यकर्ताओं से सुबह 10 बजे जंतर-मंतर पहुंचने की अपील की गई है. इसके मद्देनजर राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में धारा 163 लागू होने से विरोध प्रदर्शन को लेकर सतर्कता बढ़ गई है.
CJP ने इस बार प्रदर्शन की जिम्मेदारी अपने राष्ट्रीय संगठन प्रभारी अजिंक्य शिंदे को सौंपी है. शिंदे ने आंदोलन जारी रखने की बात कही है और कार्यकर्ताओं से रविवार सुबह 10 बजे जंतर-मंतर पहुंचने की अपील की है. पार्टी मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग पर पीछे हटने को तैयार नहीं है. हालांकि, इलाके में लागू प्रतिबंधों और पुलिस की सख्ती के बीच कार्यकर्ताओं के लिए प्रदर्शन करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है.
शनिवार को दिल्ली पुलिस ने नई दिल्ली की ओर जाने वाले रास्तों पर वाहनों की जांच शुरू कर दी थी. रिपोर्ट के मुताबिक, 35 हजार से अधिक सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई थी. पुलिस की कार्रवाई के चलते प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर तक नहीं पहुंच सके. CJP के शीर्ष नेताओं अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को दिल्ली हवाई अड्डे पर विमान से उतरने के बाद हिरासत में लिया गया. यूट्यूबर ध्रुव राठी को भी हिरासत में लेने की बात सामने आई.
प्रदर्शन को लेकर पुलिस की कार्रवाई का दायरा काफी बड़ा रहा. रिपोर्ट में चार पूर्व मुख्यमंत्रियों अरविंद केजरीवाल, ममता बनर्जी, पिनराई विजयन और माणिक सरकार समेत करीब 4,000 लोगों को हिरासत में लिए जाने की बात कही गई है. कुछ स्थानों पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई. खबर के अनुसार, कई कार्यकर्ताओं को शाम तक छोड़ दिया गया, लेकिन CJP के तीन प्रमुख नेताओं को उस समय तक रिहा नहीं किया गया था.
CJP के समर्थन में मुंबई में भी अलग-अलग स्थानों पर प्रदर्शन हुए. महात्मा गांधी के प्रपौत्र तुषार गांधी, अभिनेता इमरान खान और माकपा कार्यकर्ताओं समेत करीब 400 लोगों को हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई. अगस्त क्रांति मैदान और हुतात्मा चौक पर प्रदर्शन हुए. हुतात्मा चौक पर प्रकाश आंबेडकर के नेतृत्व वाले वंचित बहुजन आघाड़ी के कार्यकर्ता भी जुटे. अब दिल्ली में रविवार को होने वाला प्रदर्शन तय करेगा कि CJP अपने आंदोलन को आगे किस तरह बढ़ाती है.