दिल्ली के लाल बहादुर शास्त्री कॉलेज के पास हुए एक भयानक सड़क हादसे ने पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया है. यहां एक 17 वर्षीय किशोर ने अपने पिता की तेज रफ्तार स्कॉर्पियो से 23 वर्षीय साहिल धनेशरा को टक्कर मार दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई. पुलिस के मुताबिक, बिना लाइसेंस के गाड़ी चला रहे किशोर ने बाइक को टक्कर मारने के बाद एक टैक्सी को भी अपनी चपेट में ले लिया. यह मामला अब गंभीर चर्चा में है.
हादसे के बाद आरोपी किशोर के पिता ने मीडिया के सामने अपना सिर झुकाते हुए माफी मांगी है. उन्होंने कहा कि वह इस घटना से बेहद शर्मिंदा हैं और उनका पूरा परिवार गहरे सदमे में है. पिता ने बताया कि हादसे के समय वह काम के लिए गोरखपुर में थे. उनके अनुसार, यदि वह दिल्ली में मौजूद होते, तो शायद यह अनहोनी नहीं होती क्योंकि वह घर में काफी अनुशासन बनाए रखते हैं, लेकिन उनकी अनुपस्थिति में यह हादसा हो गया.
पिता ने दावा किया कि उनके बेटे ने 'नादानी' में कार की चाबी ली और उससे यह भारी भूल हो गई. कार पर मौजूद पुराने चालानों के बारे में उन्होंने सफाई दी कि उनके व्यावसायिक काम की वजह से पेशेवर ड्राइवर ही गाड़ियां चलाते हैं. उन्होंने यह भी कहा कि उनका बेटा घटनास्थल से फरार नहीं हुआ था और उसने मदद की कोशिश की थी. पिता ने अपनी पत्नी को फोन पर निर्देश दिया था कि वे घायल को अस्पताल ले जाएं.
मृतक साहिल की मां इन्ना माकन ने आरोपी पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि आरोपी किशोर अपनी बहन के साथ 'रील्स' बनाने के चक्कर में स्टंट कर रहा था. इन्ना के मुताबिक, घटना के समय स्कॉर्पियो की रफ्तार बहुत अधिक थी और वह गलत लेन में दौड़ रही थी.
जांच में यह साफ हो गया है कि किशोर के पास ड्राइविंग लाइसेंस नहीं था. उसे जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के सामने पेश किया गया और ऑब्जर्वेशन होम भेज दिया गया. हालांकि, हाल ही में बोर्ड ने उसे 10वीं की बोर्ड परीक्षा लिखने के लिए अंतरिम राहत दी है. पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक सवार साहिल की मौत हो गई और एक टैक्सी चालक अजीत सिंह भी घायल हुआ, जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया.
आरोपी के भाई ने भी स्वीकार किया कि उसका भाई बिना लाइसेंस के तेज गाड़ी चला रहा था. हालांकि, पिता ने साहिल की मां से हाथ जोड़कर माफी मांगी है. उन्होंने कहा कि वह जानते हैं कि साहिल वापस नहीं आ सकता, लेकिन वह पूरी उम्र उनके चरणों में गिरकर माफी मांगेंगे और इस गलती का बोझ ताउम्र ढोएंगे.