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'मेरे हाथों ये मर गई…', SWAT कमांडो काजल की पीट-पीटकर हत्या करके आरोपी पति ने भाई को किया था फोन

दिल्ली पुलिस की स्वाट कमांडो काजल चौधरी की उनके पति द्वारा बेरहमी से हत्या कर दी गई. दहेज उत्पीड़न, घरेलू हिंसा और कानून की रक्षक के साथ हुई इस घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया है.

Kuldeep Sharma
Edited By: Kuldeep Sharma
'मेरे हाथों ये मर गई…', SWAT कमांडो काजल की पीट-पीटकर हत्या करके आरोपी पति ने भाई को किया था फोन
Courtesy: social media

दिल्ली पुलिस की 24 वर्षीय स्वाट कमांडो काजल चौधरी की मौत सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि सिस्टम और समाज पर एक कठोर सवाल है. देश की सुरक्षा में तैनात एक बहादुर महिला घर के भीतर सुरक्षित नहीं रह सकी. शादी के कुछ महीनों बाद ही दहेज की मांग और घरेलू हिंसा ने उसकी जिंदगी छीन ली.

घटना की भयावह रात

22 जनवरी की रात मोहन गार्डन स्थित घर में काजल और उनके पति अंकुर के बीच विवाद हुआ. गुस्से में अंकुर ने काजल पर बेरहमी से हमला कर दिया. आरोप है कि उसने डंबल जैसी भारी चीज से सिर पर कई वार किए. गंभीर हालत में काजल को निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें ब्रेन-डेड घोषित कर दिया. पांच दिन बाद 27 जनवरी को उन्होंने दम तोड़ दिया.

भाई के कानों में गूंजता वो कॉल

काजल के भाई निखिल के अनुसार, हमले के दौरान बहन की चीखें फोन पर सुनाई दे रही थीं. कुछ ही मिनट बाद अंकुर का कॉल आया, जिसमें उसने कहा, 'मेरे हाथों ये मर गई है, आकर ले जाओ.' यह वाक्य आज भी परिवार के लिए एक न खत्म होने वाला सदमा है. निखिल तुरंत मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी.

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शादी के बाद शुरू हुआ उत्पीड़न

काजल की शादी 23 नवंबर 2023 को हुई थी. मां के मुताबिक, शादी के पहले दिन से ही दहेज को लेकर ताने और दबाव शुरू हो गए थे. पति के साथ उसके माता-पिता और भाई-बहन भी मांगों में शामिल थे. शुरू में सब सामान्य दिखा, लेकिन कुछ ही महीनों में हालात बदतर हो गए. काजल चुपचाप सब सहती रही.

वर्दी में साहस, घर में खामोशी

काजल 2022 में दिल्ली पुलिस की स्वाट यूनिट में भर्ती हुई थीं. वह चार महीने की गर्भवती थीं और उनका डेढ़ साल का बेटा अब ननिहाल में है. परिवार का कहना है कि काजल अपनी नौकरी और बच्चे के भविष्य के लिए हिंसा सहती रही. एक ओर वह शहर की सुरक्षा कर रही थी, दूसरी ओर अपनी ही जिंदगी नहीं बचा सकी.

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कानूनी कार्रवाई और सवाल

शुरुआत में अंकुर पर हत्या के प्रयास का केस दर्ज हुआ, जिसे बाद में हत्या और दहेज हत्या की धाराओं में बदला गया. रक्षा मंत्रालय में क्लर्क अंकुर को निलंबित कर दिया गया है और वह तिहाड़ जेल में न्यायिक हिरासत में है. यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि दहेज और घरेलू हिंसा आज भी जानलेवा हैं.