गणतंत्र दिवस परेड 2026 में शानदार और अनुशासित प्रदर्शन के लिए दिल्ली पुलिस और केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल (CRPF) को प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित किया जाएगा. रक्षा मंत्रालय (सेरेमोनियल्स) की ओर से जारी सूचना के अनुसार, इस वर्ष दिल्ली पुलिस को जजेस चॉइस कैटेगरी में सर्वश्रेष्ठ मार्चिंग कंटिंजेंट चुना गया है, जबकि CRPF को पॉपुलर चॉइस कैटेगरी में यह सम्मान मिला है.
दिल्ली पुलिस को जजेस चॉइस अवॉर्ड
गणतंत्र दिवस परेड में दिल्ली पुलिस के मार्चिंग कंटिंजेंट ने अनुशासन, तालमेल और प्रस्तुति के स्तर पर जजों को खासा प्रभावित किया. इसी बेहतरीन प्रदर्शन के आधार पर इसे जजेस चॉइस कैटेगरी में बेस्ट मार्चिंग कंटिंजेंट घोषित किया गया. दिल्ली पुलिस का मार्च पास्ट हर साल परेड का अहम हिस्सा रहता है और इस बार भी इसकी पेशेवर तैयारी की सराहना की गई.
CRPF को जनता का समर्थन
वहीं, CRPF के मार्चिंग कंटिंजेंट को पॉपुलर चॉइस अवॉर्ड दिया गया है. यह कैटेगरी दर्शकों और जनता की पसंद के आधार पर तय की जाती है. CRPF के जवानों की सटीक ड्रिल, एकरूपता और आत्मविश्वास से भरी प्रस्तुति को लोगों ने खूब सराहा, जिसके चलते यह बल जनता की पहली पसंद बना.
30 जनवरी को होगा ट्रॉफी वितरण समारोह
रक्षा मंत्रालय ने जानकारी दी है कि इन पुरस्कारों का वितरण 30 जनवरी 2026 को दोपहर 12:30 बजे किया जाएगा. यह समारोह दिल्ली कैंट स्थित RR कैंप में आयोजित होगा. कार्यक्रम में रक्षा मंत्री स्वयं विजेता मार्चिंग कंटिंजेंट्स और अन्य चयनित टेबलॉक्स को ट्रॉफी प्रदान करेंगे.
अधिकारियों की सूची मांगी गई
मंत्रालय ने गृह मंत्रालय से अनुरोध किया है कि दिल्ली पुलिस और CRPF की ओर से ट्रॉफी प्राप्त करने वाले अधिकारी का नाम जल्द से जल्द भेजा जाए. इसके साथ ही लगभग पांच अधिकारियों की सूची भी उपलब्ध कराने को कहा गया है, जिन्हें इस सम्मान समारोह में आमंत्रित किया जाएगा.
नोडल अधिकारी नियुक्त
इस पूरे कार्यक्रम के समन्वय के लिए रक्षा मंत्रालय ने ओएसडी (RR कैंप) शिव कुमार को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है. वे आयोजन से जुड़ी सभी व्यवस्थाओं की देखरेख करेंगे.
अनुशासन और समर्पण की पहचान
गौरतलब है कि गणतंत्र दिवस परेड में दिल्ली पुलिस और CRPF का प्रदर्शन हर साल देशभक्ति, अनुशासन और समर्पण का प्रतीक माना जाता है. इस वर्ष मिले ये सम्मान दोनों बलों की कड़ी मेहनत और पेशेवर क्षमता की राष्ट्रीय स्तर पर पहचान हैं.
इनपुट: पंकज राय