CJP आंदोलन की हिंसा की जांच तेज, CCTV-ड्रोन फुटेज खंगालेगी दिल्ली पुलिस; इन 4 बिंदुओं पर फोकस
दिल्ली में नीट पेपर लीक के विरोध में हुए प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा की जांच तेज हो गई है. दिल्ली पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर पूरे घटनाक्रम की पड़ताल शुरू कर दी है.
नई दिल्ली: नीट पेपर लीक के विरोध में दिल्ली में हुए प्रदर्शन के बाद अब हिंसा के कारणों की जांच तेज कर दी गई है. दिल्ली पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर पूरे घटनाक्रम की गहन पड़ताल शुरू कर दी है. जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि प्रदर्शन के दौरान हालात कैसे बिगड़े और हिंसा की शुरुआत किन परिस्थितियों में हुई. सोमवार को संसद के मानसून सत्र की शुरुआत के साथ ही प्रदर्शनकारियों ने संसद की ओर मार्च किया. सुरक्षा व्यवस्था पहले से कड़ी थी और रास्तों पर बैरिकेड लगाए गए थे. इसी दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच टकराव हुआ, जिसके बाद हालात बिगड़ गए और पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज किया.
जांच का पहला सवाल, हिंसा की शुरुआत किसने की?
दिल्ली पुलिस की जांच का सबसे अहम बिंदु यह है कि बैरिकेड तोड़ने या तनाव बढ़ाने की शुरुआत सबसे पहले किसने की. पुलिस के अनुसार प्रदर्शन में छात्रों के अलावा अन्य लोग भी मौजूद थे. इसी वजह से यह जांच की जा रही है कि कहीं किसी बाहरी समूह ने प्रदर्शन को प्रभावित करने या माहौल बिगाड़ने की कोशिश तो नहीं की.
वीडियो और डिजिटल सबूतों की होगी जांच
जांच के दौरान सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो की फॉरेंसिक जांच भी कराई जाएगी. इसका उद्देश्य यह पता लगाना है कि कहीं कोई वीडियो एडिट या भ्रामक तरीके से तो साझा नहीं किया गया. इसके साथ ही घटनास्थल से मिले डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को भी जांच का हिस्सा बनाया गया है.
Also Read
- दिल्ली में CJP का हिंसक प्रदर्शन, कनॉट प्लेस समेत कई इलाकों में 'कॉक्रोचों' ने किया पथराव और तोड़फोड़
- सरकार ने बातचीत के लिए किया संपर्क, CJP पार्टी का बड़ा दावा; प्रतिनिधिमंडल की जेपी नड्डा से मुलाकात की संभावना
- 'मैं 56 साल के युवा की बात नहीं कर रहा...' स्काईरूट की स्पेस उपलब्धि के बाद PM मोदी ने राहुल गांधी पर साधा निशाना
CCTV और ड्रोन फुटेज से जोड़े जाएंगे सबूत
दिल्ली पुलिस प्रदर्शन में शामिल लोगों की पहचान के लिए सीसीटीवी कैमरों, ड्रोन और पुलिस के बॉडी कैमरों की फुटेज का विश्लेषण करेगी. इन रिकॉर्डिंग के आधार पर पूरे घटनाक्रम की टाइमलाइन तैयार की जाएगी. साथ ही प्रत्यक्षदर्शियों के बयान भी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा होंगे.
बाहरी तत्वों की भूमिका की भी होगी पड़ताल
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या किसी संगठन या बाहरी तत्व ने जानबूझकर प्रदर्शन के दौरान माहौल बिगाड़ने या हिंसा भड़काने का प्रयास किया. इस पहलू की पुष्टि के लिए उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों और अन्य तथ्यों का मिलान किया जाएगा. फिलहाल जांच कई पहलुओं को ध्यान में रखकर आगे बढ़ाई जा रही है.
इन मांगों को लेकर किया गया था प्रदर्शन
प्रदर्शन के दौरान शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, सोनम वांगचुक को अस्पताल से रिहा करने और नीट पेपर लीक से जुड़े उन छात्रों के लिए मुआवजे की मांग उठाई गई, जिन्होंने कथित तौर पर आत्महत्या की थी. प्रदर्शनकारियों के संसद की ओर बढ़ने के दौरान पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच झड़प हुई और स्थिति तनावपूर्ण हो गई.