सत्य निकेतन हादसे के बाद खुली पोल, सर्वे में दिल्ली की 4 PG इमारतें मिलीं बेहद खतरनाक
सत्य निकेतन में PG इमारत गिरने से सात लोगों की मौत के बाद दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश पर PG और हॉस्टल का सुरक्षा सर्वे कराया गया. सर्वे में 2,250 से अधिक PG वाली इमारतें मिलीं, जहां 47,000 से ज्यादा लोग रह रहे हैं.
सत्य निकेतन में PG की बहुमंजिला इमारत गिरने से सात लोगों की मौत के बाद दिल्ली में PG और हॉस्टल की सुरक्षा को लेकर बड़ा सर्वे कराया गया. दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश पर एक सप्ताह तक चले इस सर्वे में 2,250 से अधिक इमारतों में PG संचालित होने की जानकारी सामने आई. इन इमारतों में 47,000 से ज्यादा लोग रह रहे हैं. सर्वे के दौरान चार इमारतों को खतरनाक घोषित किया गया है.
अधिकारियों के मुताबिक सर्वे में 25 इमारतों में बड़े स्तर पर मरम्मत की जरूरत मिली, जबकि 138 इमारतों में मामूली मरम्मत की जरूरत पाई गई. सबसे ज्यादा ऐसी इमारतें MCD के साउथ जोन में मिली हैं. यहां 90 इमारतों को मामूली मरम्मत, 22 को बड़ी मरम्मत और तीन इमारतों को खतरनाक श्रेणी में रखा गया है. चौथी खतरनाक इमारत केशवपुरम में मिली.
सर्वे में कौन सा क्षेत्र रहा सबसे आगे?
सर्वे में सिविल लाइन्स सबसे आगे रहा, जहां 531 इमारतों में PG संचालित होने की जानकारी मिली. इसके बाद केशवपुरम में 410 और साउथ जोन में 384 इमारतें मिलीं. इन इलाकों में बड़ी संख्या में छात्र रहते हैं. सिविल लाइन्स और केशवपुरम में दिल्ली विश्वविद्यालय के नॉर्थ कैंपस और मुखर्जी नगर जैसे प्रमुख शिक्षा केंद्र हैं. वहीं साउथ जोन में IIT Delhi, JNU और DU साउथ कैंपस जैसे संस्थान हैं.
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सत्य निकेतन इलाके में कैसी है स्थिति?
सत्य निकेतन इलाके में भी कई इमारतों के भार-वहन करने वाला ढांचा होने की बात सामने आई है. अधिकारियों के मुताबिक, हादसे में गिरी इमारत के ठीक बगल वाली इमारत में भी खतरा दिखाई दिया था. इसे सुरक्षित रखने के लिए MCD को metal jacks और support poles लगाने पड़े.
इस बीच MCD ने खतरनाक इमारतों, अवैध निर्माण और भवन नियमों के उल्लंघन के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है. रविवार को अलग-अलग इलाकों में 11 ध्वस्तीकरण की कार्रवाई किए गए और चार संपत्तियों को सील किया गया. शनिवार को 33 संपत्तियों पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई और पांच अन्य संपत्तियों को सील किया गया था.
दिल्ली के गांधी नगर इलाके में कैसी है स्थिति?
दिल्ली के गांधी नगर इलाके में चार मंजिला एक इमारत अचानक एक तरफ झुक गई. इसके बाद इमारत को खाली करा लिया गया और पुलिस ने आसपास का इलाका घेर लिया. MCD ने मालिक को इमारत खुद गिराने का निर्देश दिया है. अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि अगर मालिक ने स्वेच्छा से इमारत नहीं गिराई तो नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी.
सर्वे की अंतरिम रिपोर्ट जल्द ही दिल्ली हाईकोर्ट में पेश की जाएगी. मामले की अगली सुनवाई 25 सितंबर को होनी है.