दिल्ली-NCR में बढ़ा Flu का खतरा! अगस्त में 27% पहुंची पॉजिटिविटी, इन लोगों को रहना होगा सावधान
देश में इन्फ्लूएंजा (Flu) की गतिविधि में तेजी देखने को मिल रही है. पिछले तीन महीनों की तुलना में अगस्त में फ्लू की टेस्टिंग में काफी बढ़ोतरी हुई है.
नई दिल्ली: देश में इन्फ्लूएंजा (Flu) की गतिविधि में तेजी देखने को मिल रही है. पिछले तीन महीनों की तुलना में अगस्त में फ्लू की टेस्टिंग में काफी बढ़ोतरी हुई है. टेस्टिंग के आंकड़ों के अनुसार, फ्लू की पॉजिटिविटी दर करीब 27% पहुंच गई है, जो इस सीजन में अब तक का सबसे ऊंचा स्तर बताया जा रहा है. यह संकेत है कि सीजन आगे बढ़ने के साथ फ्लू के मामले भी बढ़ रहे हैं.
दिल्ली-NCR में बढ़ी फ्लू की टेस्टिंग:
फ्लू की बढ़ती गतिविधि का असर खास तौर पर दिल्ली-NCR में दिखाई दे रहा है. अब तक हुई फ्लू टेस्टिंग में करीब 10 में से 7 टेस्ट इसी क्षेत्र में किए गए हैं. अलग-अलग शहरों की बात करें तो नोएडा में फ्लू पॉजिटिविटी करीब 17%, गाजियाबाद में 19%, दिल्ली में 16% और गुरुग्राम में करीब 13% रही. वहीं, मेरठ और जीरकपुर में पॉजिटिविटी दर करीब 35% तक पहुंच गई. इन आंकड़ों से इन क्षेत्रों में फ्लू की बढ़ती गतिविधि का अंदाजा लगाया जा सकता है.
कोलकाता में 43% तक पहुंची पॉजिटिविटी:
दिल्ली-NCR के अलावा कोलकाता भी फ्लू के बढ़ते मामलों को लेकर प्रमुख क्षेत्र बनकर सामने आया है. हाल के हफ्तों में यहां फ्लू की पॉजिटिविटी दर करीब 43% तक पहुंचने की बात सामने आई है. ऐसे में मौसम के साथ बढ़ने वाले श्वसन संक्रमणों पर नजर रखना जरूरी हो गया है.
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डेंगू और फ्लू के लक्षणों में हो सकता है भ्रम:
इस समय सिर्फ फ्लू ही चिंता का विषय नहीं है. डेंगू पॉजिटिविटी दर भी बढ़कर करीब 12% बताई गई है. दोनों बीमारियों में कुछ लक्षण एक जैसे हो सकते हैं. बुखार, शरीर में दर्द और थकान जैसे लक्षण फ्लू के साथ-साथ दूसरे संक्रमणों में भी दिखाई दे सकते हैं. इसलिए केवल लक्षणों के आधार पर बीमारी की पहचान करना सही नहीं है. जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह और मेडिकल टेस्ट लेना जरूरी हो सकता है.
किन लोगों को ज्यादा सावधान रहना चाहिए?
इन्फ्लूएंजा किसी भी उम्र के व्यक्ति को प्रभावित कर सकता है, लेकिन छोटे बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और कमजोर इम्यूनिटी या पहले से किसी बीमारी से जूझ रहे लोगों में गंभीर जटिलताओं का खतरा ज्यादा हो सकता है. भीड़भाड़ वाली या बंद जगहों में लंबे समय तक रहने वाले लोगों को भी श्वसन संक्रमण से बचाव के लिए सावधानी बरतनी चाहिए.
फ्लू के प्रमुख लक्षण क्या हैं?
फ्लू में बुखार, खांसी, गले में खराश, सिरदर्द, बदन दर्द और थकान जैसे लक्षण हो सकते हैं. कुछ मामलों में सांस लेने में परेशानी भी हो सकती है. अगर बुखार, खांसी या शरीर में दर्द लगातार बना रहता है या लक्षण गंभीर हो जाते हैं, तो इसे सामान्य वायरल समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. ऐसे मामलों में डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है.
घबराएं नहीं, लेकिन लक्षणों को नजरअंदाज भी न करें:
रेडक्लिफ लैब्स की लैब ऑपरेशन्स डायरेक्टर डॉ. सोनल सक्सेना के अनुसार, मौजूदा स्थिति में घबराने के बजाय जागरूक रहना जरूरी है. उन्होंने कहा कि कई मौसमी बीमारियां एक साथ फैल रही हैं, इसलिए लगातार बने रहने वाले लक्षणों पर ध्यान देना चाहिए और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह से मेडिकल टेस्ट करवाना चाहिए.