menu-icon
India Daily

दिल्ली-एनसीआर में भी हो सकता है इंदौर जैसा हाल? दूषित पानी पर प्रशासन की टूटी नींद

गाजियाबाद, फरीदाबाद और गुरुग्राम जैसे शहरों से लगातार आ रही दूषित जल आपूर्ति की शिकायतों के बीच प्रशासन ने अब पुरानी पाइपलाइनों और अवैध बोरवेलों पर सर्जिकल स्ट्राइक की तैयारी कर ली है.

Ashutosh Rai
Edited By: Ashutosh Rai
दिल्ली-एनसीआर में भी हो सकता है इंदौर जैसा हाल? दूषित पानी पर प्रशासन की टूटी नींद
Courtesy: AI

नई दिल्ली: इंदौर में दूषित पानी पीने से हुई मौतों ने पूरे देश को हिला कर रख दिया है. एक ऐसा शहर जो सबसे स्वच्छ माना जाता था. उसका यह हाल लोगों के लिए एक चौंकाने वाला मामला था. इस घटना के बाद अब दिल्ली-एनसीआर का प्रशासन भी रेड अलर्ट मोड पर है.

गाजियाबाद, फरीदाबाद और गुरुग्राम जैसे शहरों से लगातार आ रही दूषित जल आपूर्ति की शिकायतों के बीच प्रशासन ने अब पुरानी पाइपलाइनों और अवैध बोरवेलों पर सर्जिकल स्ट्राइक की तैयारी कर ली है. वहीं लोगों का कहना है कि क्या यह सब सिर्फ दिखावा है या प्रशासन की नींद टूट गई है.

बोरवेल सील करने से नहीं चलेगा काम

दिल्ली जल बोर्ड भूजल के अवैध दोहन को रोकने के लिए सख्त नई गाइडलाइंस ला रहा है. अभी तक नियम केवल बोरवेल सील करने तक सीमित थे, लेकिन अब भारी जुर्माने और कानूनी कार्रवाई की तैयारी है. सेंट्रल ग्राउंड वाटर अथॉरिटी के पुराने नियमों को अपडेट किया जा रहा है. अब ट्यूबवेल की अनुमति केवल वहीं मिलेगी जहां वाटर लेवल बेहतर है, ताकि भविष्य के जल संकट को टाला जा सके.

6000 हैंडपंप और टंकियों की होगी अग्निपरीक्षा

गाजियाबाद में भी इस मामले को लेकर सख्त रूख अपनाया जा रहा है. कई लोगों का कहना है कि गाजियाबाद में यह दिक्कतें कई समय से देखी जा रही थी. इसी बीच नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने वाटर वर्क्स डिपार्टमेंट और सैनिटेशन टीम को सड़कों पर उतार दिया है. शहर के 1400 से ज्यादा ट्यूबवेल और 6000 हैंडपंपों की जांच शुरू हो गई है. हर घर तक पहुंचने वाले पानी में क्लोरीन की मात्रा जांची जा रही है ताकि बैक्टीरिया को खत्म किया जा सके.

नालों के ऊपर बिछी मौत की लाइनें

फरीदाबाद में भी स्थिति सबसे गंभीर है. यहां कई इलाकों में पानी की सप्लाई लाइनें खुले नालों के ऊपर से गुजर रही हैं. बारिश में नाले ओवरफ्लो होते ही सीवर का पानी पीने के पानी में मिल जाता है. नगर निगम को हर हफ्ते ऐसी 10-12 शिकायतें मिल रही हैं. अब चीफ इंजीनियर ने सभी 46 वार्डों में पानी की सैंपलिंग के आदेश दिए हैं ताकि हानिकारक तत्वों की पहचान की जा सके.

साइबर सिटी का बूस्टिंग प्लान

गुरुग्राम नगर निगम ने भी इंदौर की घटना से सबक लेते हुए 130 से अधिक बूस्टिंग स्टेशनों को अपग्रेड करने का फैसला किया है. सीवेज मिक्सिंग की समस्या को खत्म करने के लिए करोड़ों के बजट से पुरानी पाइपलाइनें बदली जा रही हैं. 

पीने के पानी से खतरा

यह सब मामले दिल्ली-एनसीआर में पीने के पानी से खतरे की ओर इशारा कर रहे हैं. आने वाले समय में यह देखना अनिवार्य होगा कि क्या जल निगम लोगों की आवाज सुनेगी और इंदौर जैसी त्रासदी से लोगों को बचा पाएगी या नहीं.