Delhi Malviya Nagar Fire: आज यानी बुधवार को दिल्ली के मालवीय नगर के हौज रानी इलाके में लेमन ग्रीन रेस्तरां वाली इमारत में भीषण आग लग गई. इस हादसे में अब तक 21 लोगों की मौत हो चुकी है और कई अन्य घायल हैं. आग की लपटों और घने काले धुएं ने पूरे इलाके को दहला दिया. ऊपरी मंजिलों पर फंसे लोग बचने के लिए जान हथेली पर लेकर छलांग लगा रहे थे.
स्थानीय लोगों ने तुरंत मदद के लिए आगे बढ़कर जिंदगियां बचाने की कोशिश की. हौज रानी गांव के रहने वाले वसीम राज सबसे पहले मौके पर पहुंचने वालों में शामिल थे. उन्होंने बताया- जब हम वहां पहुंचे तब पूरी इमारत आग की चपेट में थी. धुआं इतना घना था कि कुछ दिखाई नहीं दे रहा था. ऊपरी मंजिलों पर फंसे लोग बचने के रास्ता ढूंढ रहे थे.'
VIDEO | Delhi Malviya Nagar Hotel Fire: An eyewitness Wasim Raj from Hauz Rani village, says, "The fire broke out at about 8:50 am... we rushed to the spot to see that the entire building was on fire. There is a mattress shop at the corner from where we took out mattresses and… pic.twitter.com/3CEhAkYDIe
— Press Trust of India (@PTI_News) June 3, 2026
वसीम राज ने आगे कहा कि पड़ोस के दुकान से लोग तुरंत गद्दे लाए और सड़क पर बिछा दिए. ताकि जो लोग दूसरी और तीसरी मंजिल से कूदकर बचना चाहें, उन्हें कम से कम चोट आए. उन्होंने बताया कि 'लोग जान बचाने के लिए दूसरी और तीसरी मंजिल से कूद रहे थे.'
VIDEO | Delhi Malviya Nagar Hotel Fire: Israr Khan, a local who helped rescue the people trapped in the fire, said,
— Press Trust of India (@PTI_News) June 3, 2026
"All of us have been here since morning. We reached the spot at around 8 am. We rescued a kid who jumped from the higher floor. We rescued all the people trapped… pic.twitter.com/ZIPiwAqgzJ
दूसरे स्थानीय निवासी इसरार खान ने बताया कि जैसे ही आग की खबर फैली, पूरे मोहल्ले के लोग मदद को दौड़ पड़े. सबसे यादगार पल था जब एक बच्चे ने ऊपरी मंजिल से छलांग लगाई. स्थानीय लोगों और रेस्क्यू टीम ने मिलकर उस बच्चे को सुरक्षित बचाया.
दिल्ली फायर सर्विस को सुबह करीब 9:45 बजे आग की सूचना मिली. इसके बाद कई फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंचीं. फायरफाइटर्स ने धुएं और लपटों के बीच फंसे लोगों को निकालने की बड़ी मुहिम चलाई. कई लोगों को बचाकर नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया. आग पर काबू पाने के बाद भी रेस्क्यू टीम इमारत के अंदर तलाशी जारी रखे हुए थी. अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि आग लगने के समय इमारत के अंदर कितने लोग थे. घायलों को अस्पताल में इलाज के लिए भेजा गया है.
इस हादसे में स्थानीय लोगों की बहादुरी सराहनीय रही. उन्होंने बिना सोचे-समझे अपनी जान जोखिम में डालकर दूसरों की मदद की. गद्दे बिछाने से लेकर घायलों को अस्पताल पहुंचाने तक हर जगह उनका साथ रहा. सुबह भर लोग मौके पर डटे रहे और रेस्क्यू टीम की मदद करते रहे.
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आग शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी हो सकती है. पुलिस और फायर विभाग की टीम इसकी जांच कर रही है. अधिकारियों ने कहा है कि पूरी घटना की जांच की जाएगी.