Delhi Metro News : दिल्ली मेट्रो की बड़ी सौगात, नए मेट्रो रूट को मिली मंजूरी, जानिए किन सात प्रमुख स्टेशनों से गुजरेगी ट्रेन
दिल्ली मेट्रो के फेज-4 के तहत लाजपत नगर से साकेत जी ब्लॉक तक करीब 7.3 किलोमीटर लंबे नए मेट्रो रूट को मंजूरी दी गई है. इस एलिवेटेड कॉरिडोर पर सात स्टेशनों का निर्माण किया जाएगा. कुल लागत 447.42 करोड़ रुपये आंकी गई है और प्रोजेक्ट को तीन साल में पूरा करने का लक्ष्य है. पहली बार इस प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी RVNL को सौंपी गई है, जो देशभर में कई मेट्रो योजनाओं को संभाल चुका है.
दिल्ली की जनता के लिए एक और बड़ी खुशखबरी सामने आई है. राजधानी में मेट्रो के चौथे चरण के अंतर्गत एक नया कॉरिडोर तैयार किया जा रहा है, जो लाजपत नगर को साकेत G ब्लॉक से जोड़ेगा. इस नए रूट से न सिर्फ दक्षिणी दिल्ली के लाखों यात्रियों को फायदा होगा, बल्कि शहर की पब्लिक ट्रांसपोर्ट व्यवस्था भी और सशक्त होगी.
रेल मंत्रालय और रेल विकास निगम लिमिटेड (RVNL) ने जानकारी दी कि यह नया मेट्रो कॉरिडोर पूरी तरह से एलिवेटेड होगा और इसमें सात स्टेशन शामिल होंगे. जानकारी के अनुसार इसमें साकेत G ब्लॉक, पुष्प विहार, साकेत जिला केंद्र, पुष्प भवन, चिराग दिल्ली, ग्रेटर कैलाश-1, एंड्रूज गंज औक लाजपत नगर शामिल होंगे. इस पूरे रूट पर एलिवेटेड वायडक्ट का निर्माण किया जाएगा, जिससे ट्रैफिक में बाधा भी नहीं होगी और निर्माण कार्य अधिक व्यवस्थित रहेगा.
लागत 447 करोड़ रुपये, छोटी ट्रेनों का होगा संचालन
इसकी कुल अनुमानित लागत 447.42 करोड़ खी गई है. खास बात यह है कि इस रूट पर तीन डिब्बों वाली छोटी मेट्रो ट्रेनें चलाई जाएंगी. हर एक कोच की क्षमता लगभग 300 यात्रियों की होगी. हालांकि ट्रेनें छोटी होंगी इसलिए स्टेशनों की लंबाई भी केवल 74 मीटर रहेगी, जो कि सामान्य मेट्रो स्टेशनों से काफी कम है. इससे निर्माण लागत और समय दोनों की बचत होगी और भविष्य में रख-रखाव भी आसान होगा.
पहली बार दिल्ली मेट्रो प्रोजेक्ट में RVNL को जिम्मेदारी
यह पहली बार है जब दिल्ली मेट्रो का कोई प्रोजेक्ट RVNL को सौंपा गया है. रेल मंत्रालय के अधीन काम करने वाला यह सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम देश के आठ से अधिक शहरों में मेट्रो प्रोजेक्ट्स पर काम कर चुका है. अब दिल्ली में भी इसका अनुभव और तकनीकी दक्षता उपयोग में लाई जाएगी. इस पहल से मेट्रो विस्तार का काम और तेज़ी से आगे बढ़ेगा.
राजधानी को मिलेगा आधुनिक और टिकाऊ ट्रांसपोर्ट सिस्टम
RVNL के चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर प्रदीप गौड़ ने कहा कि यह प्रोजेक्ट न सिर्फ दिल्ली के भविष्य के शहरी ढांचे को मजबूत करेगा, बल्कि एक सुरक्षित, टिकाऊ और पर्यावरण के अनुकूल सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था भी प्रदान करेगा. उन्होंने भरोसा जताया कि यह कॉरिडोर समय पर और पूरी गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाएगा. दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) के विजन को आगे बढ़ाते हुए यह एक अहम कदम साबित होगा.
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