दिल्ली में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से रेखा गुप्ता सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है. सरकार की योजना अगले कुछ महीनों में शहर के 2.30 लाख घरों की छतों पर मुफ्त में रूफटॉप सोलर पैनल लगाने की है. इस पहल के जरिए नागरिकों को अगले 25 वर्षों तक मुफ्त बिजली की सुविधा मिलने के साथ-साथ अतिरिक्त बिजली बेचकर कमाई करने का अवसर भी प्राप्त होगा.
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में 'दिल्ली सोलर एनर्जी पॉलिसी-2023' के दूसरे संशोधन को औपचारिक मंजूरी दी गई. इस नीति के तहत, वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान औसतन 400 यूनिट तक बिजली की खपत करने वाले घरेलू उपभोक्ताओं को 3 किलोवाट क्षमता तक का रूफटॉप सोलर सिस्टम बिना किसी शुरुआती लागत के प्रदान किया जाएगा.
सरकार का लक्ष्य मार्च 2027 तक 2.30 लाख घरों पर यह सोलर पैनल स्थापित करना है. मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली सरकार इस योजना के तहत ग्रांट और सब्सिडी के रूप में प्रति उपभोक्ता 78,000 रुपये का वित्तीय सहयोग प्रदान करेगी. दिल्ली के ऊर्जा मंत्री आशीष सूद ने स्पष्ट किया कि यह कदम केंद्र सरकार की ‘पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना’ को राज्य में और अधिक सुदृढ़ बनाएगा.
योजना के नियमों के अनुसार, सोलर सिस्टम लगाने वाले संबंधित वेंडर के लिए पहले 5 वर्षों तक इसका संचालन और रखरखाव (ओएंडएम) करना अनिवार्य होगा. इसके बाद, उपभोक्ताओं के पास पूरे 25 वर्षों के जीवनकाल के लिए रखरखाव अनुबंध को आगे बढ़ाने का विकल्प रहेगा. सरकार का मानना है कि यह नीति न केवल उपभोक्ताओं के बिजली बिल को शून्य करेगी, बल्कि एक हरित और विकसित दिल्ली के निर्माण में भी योगदान देगी.