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India Daily

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पीएम मोदी से 90 मिनट की मुलाकात...जानें जितेंद्र मिश्रा के राम मंदिर का CEO बनने की इनसाइड स्टोरी

पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा राम मंदिर के नए CEO नियुक्त हुए हैं. 'ऑपरेशन सिंदूर' के हीरो रहे मिश्रा का चयन पीएम मोदी द्वारा उनके अनुशासन और समर्पण के अवलोकन के बाद हुआ.

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पीएम मोदी से 90 मिनट की मुलाकात...जानें जितेंद्र मिश्रा के राम मंदिर का CEO बनने की इनसाइड स्टोरी
Courtesy: @ShriRamTeerth

उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले से आने वाले पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा राम मंदिर ट्रस्ट के नए मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) बनाए गए हैं. 43 वर्षों की सैन्य सेवा देने वाले जितेंद्र मिश्रा ने कारगिल युद्ध से लेकर 'ऑपरेशन सिंदूर' तक देश की रक्षा में प्रमुख भूमिका निभाई है. उन्हें अपनी असाधारण सैन्य सेवाओं और अनुशासन के लिए जाना जाता है.

पीएम मोदी के साथ 90 मिनट की मुलाकात ने खोला रास्ता

जितेंद्र मिश्रा की चयन प्रक्रिया अचानक नहीं हुई. ऑपरेशन सिंदूर के दौरान जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आदमपुर एयरबेस का दौरा किया था, तब उन्होंने एयर मार्शल मिश्रा के साथ लगभग 90 मिनट बिताए थे. इस मुलाकात के दौरान पीएम मोदी ने न केवल ऑपरेशन की जानकारी ली थी, बल्कि मिश्रा के जीवन, उनकी आदतों, अनुशासन और धार्मिक आस्था को भी गहराई से परखा. इसी एक मुलाकात ने उनके भावी चयन की नींव रख दी थी.

ऐसे हुआ अंतिम चयन

एयर मार्शल मिश्रा का नाम अंतिम समय तक प्रक्रिया में बना हुआ था. बुधवार की सुबह नई दिल्ली से मुख्यमंत्री कार्यालय को एक फोन आया, जिसमें राम मंदिर के नए सीईओ के रूप में केवल एक नाम की सिफारिश की गई- पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा. इस फैसले ने सभी कयासों पर विराम लगा दिया और उनकी नियुक्ति पर अंतिम मुहर लगा दी.

'ऑपरेशन सिंदूर' में साहसिक निर्णय

सैन्य सेवा के दौरान वे अपने निडर फैसलों के लिए प्रसिद्ध रहे. 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान जब S-400 मिसाइल सिस्टम के ऑपरेटर को पाकिस्तान का एक जासूसी विमान (AWACS) दिखाई दिया, तो उसने कार्रवाई के लिए अनुमति मांगी. एयर मार्शल मिश्रा ने बिना झिझक तुरंत 'शूट' का आदेश दिया. इसके बाद आदमपुर बेस से दागी गई मिसाइल ने 314 किलोमीटर की रिकॉर्ड दूरी पर दुश्मन के विमान को मार गिराया था.