दिल्ली में भाजपा का मेगा स्वच्छता अभियान: CM रेखा समेत कई दिग्गजों ने किया श्रमदान, मगर उठ रहे कई सवाल

दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा के नेतृत्व में यह मेगा ड्राइव शहर के सभी 256 मंडलों में लगभग 2470 स्थानों पर एक साथ आयोजित की गई, लेकिन आलोचक इसे महज एक इवेंट बता रहे हैं.

@gupta_rekha
Sagar Bhardwaj

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मदिवस और लोकसेवा के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर दिल्ली भाजपा ने राजधानी में 'सेवा मेरा योगदान-स्वच्छता श्रमदान' अभियान चलाया. दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा के नेतृत्व में यह मेगा ड्राइव शहर के सभी 256 मंडलों में लगभग 2470 स्थानों पर एक साथ आयोजित की गई, जिसमें मुख्यमंत्री से लेकर बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं ने सक्रिय भूमिका निभाई.

बांसुरी स्वराज ने हाथ में थामी झाड़ू

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कमला नेहरू रिज पर सफाई व मरम्मत कार्यों का निरीक्षण करते हुए खुद श्रमदान किया. वहीं, प्रदेश अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा गीता कॉलोनी में, केंद्रीय मंत्री रामवीर सिंह बिधूड़ी ईस्ट ऑफ कैलाश में, प्रवेश वर्मा हनुमान मंदिर पर और सांसद बांसुरी स्वराज मोती नगर में सफाई अभियान से जुड़े. नेताओं ने संकल्प जताया कि 'एक दिन, एक घंटा, एक साथ' के संदेश से दिल्ली को स्वच्छ और स्वस्थ बनाया जाएगा.

अभियान की प्रभावशीलता पर उठते जमीनी सवाल

सांसदों, मंत्रियों, विधायकों और पार्षदों की मौजूदगी के बावजूद जनता और आलोचकों के बीच यह सवाल बरकरार है कि क्या यह महज एक प्रतीकात्मक आयोजन है. आलोचकों का मानना है कि विशेष मौकों पर झाड़ू उठाने से कचरे के ढेर, ओवरफ्लो डस्टबिन और टूटी नालियों जैसी रोजमर्रा की समस्याओं का स्थाई समाधान नहीं होता. हालांकि, समर्थकों का तर्क है कि ऐसे अभियानों से जनजागरूकता बढ़ती है और प्रशासनिक तंत्र सक्रिय होता है.


स्थायी बदलाव के लिए विशेषज्ञों के सुझाव

स्वच्छता विशेषज्ञों के अनुसार इस पहल को एक वास्तविक जन आंदोलन बनाने के लिए दैनिक कचरा उठान, सीवर मेंटेनेंस और जवाबदेही तय करना अनिवार्य है. इसके अलावा, नागरिकों द्वारा घर पर ही गीला और सूखा कचरा अलग करने की आदत विकसित करना बेहद जरूरी है. यदि इस अभियान के बाद भी दिल्ली की सड़कें साफ बनी रहती हैं, तभी इसे वास्तविक सफलता माना जाएगा.