Delhi AQI Today: नए साल की पहली सुबह पर जहरीली हवा! AQI 450 पार, गैस चैंबर बनी राजधानी, क्या बारिश दिलाएगी राहत?
नए साल का दिल्ली ने बेहद जहरीली हवा और घने कोहरे के साथ स्वागत किया. AQI 473 तक पहुंच गया, जिससे स्वास्थ्य, यातायात और दैनिक जीवन पर गंभीर असर पड़ा.
नई दिल्ली: साल 2026 की शुरुआत दिल्ली-एनसीआर के लिए राहत नहीं, बल्कि चिंता लेकर आई है. गुरुवार सुबह राजधानी घने कोहरे और प्रदूषण की चादर में लिपटी रही. दृश्यता 50 मीटर तक सिमट गई और वायु गुणवत्ता ‘इमरजेंसी’ स्तर पर पहुंच गई.
AQI 450 के पार जाने से सांस लेना तक मुश्किल हो गया है. मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों तक ठंड और प्रदूषण दोनों के बने रहने की चेतावनी दी है.
घने कोहरे में लिपटी राजधानी
नए साल की सुबह दिल्ली के कई इलाकों में कोहरा इतना घना रहा कि सामने का रास्ता दिखाई देना मुश्किल हो गया. सफदरजंग और पालम जैसे प्रमुख इलाकों में सुबह 6:30 बजे दृश्यता महज 50 मीटर दर्ज की गई. कोहरे के कारण सड़कों पर वाहन रेंगते नजर आए और सुबह की रफ्तार पूरी तरह थम सी गई. ठंडी और स्थिर हवा ने हालात और गंभीर बना दिए.
AQI ने पार किया खतरनाक स्तर
दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक गुरुवार सुबह 473 रिकॉर्ड किया गया, जो ‘गंभीर’ से भी ऊपर ‘इमरजेंसी’ श्रेणी में आता है. विशेषज्ञों के मुताबिक इस स्तर की हवा में कुछ घंटों तक सांस लेना भी सेहत के लिए खतरनाक हो सकता है. प्रदूषण के कारण आंखों में जलन, गले में खराश और सांस फूलने जैसी शिकायतें आम हो गई हैं.
PM2.5 और PM10 ने बढ़ाई चिंता
हवा में मौजूद सूक्ष्म कणों का स्तर सामान्य से कई गुना अधिक दर्ज किया गया. PM2.5 का स्तर 330 और PM10 का स्तर 463 तक पहुंच गया है. ये कण सीधे फेफड़ों में जाकर गंभीर नुकसान पहुंचाते हैं. मौसम विभाग का अनुमान है कि ठंडी हवाओं की रफ्तार कम रहने से 2 जनवरी तक प्रदूषण में खास सुधार नहीं होगा.
यातायात और उड़ानों पर असर
घने कोहरे और खराब दृश्यता का सीधा असर सड़क और हवाई यातायात पर पड़ा. दिल्ली एयरपोर्ट से कई उड़ानों के समय में बदलाव करना पड़ा, जबकि राष्ट्रीय राजमार्गों पर वाहन बेहद धीमी गति से चलते दिखे. सुबह के समय ऑफिस जाने वाले लोगों को लंबा इंतजार करना पड़ा. ट्रैफिक पुलिस ने भी सतर्कता बरतने की अपील की है.
बारिश से राहत की उम्मीद, अलर्ट जारी
मौसम विभाग के अनुसार कुछ इलाकों में हल्की बूंदाबांदी की संभावना है, जिससे प्रदूषण में थोड़ी राहत मिल सकती है. हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक अच्छी बारिश नहीं होती, तब तक हालात पूरी तरह नहीं सुधरेंगे. बुजुर्गों, बच्चों और सांस के मरीजों को घर में रहने, मास्क पहनने और अनावश्यक बाहर निकलने से बचने की सलाह दी गई है.