नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में ठंड और शांत मौसम के बीच वायु प्रदूषण एक बार फिर चिंता का कारण बन गया है. सोमवार को शहर की हवा ‘खराब’ श्रेणी में दर्ज की गई, जबकि कई इलाकों में हालात ‘बहुत खराब’ तक पहुंच गए. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़े बताते हैं कि प्रदूषक कणों का स्तर लगातार बढ़ रहा है. मौसम की मौजूदा परिस्थितियां प्रदूषण को फैलने से रोक रही हैं, जिससे आने वाले दिनों में भी राहत की उम्मीद कम नजर आ रही है.
सोमवार को दिल्ली का औसत एक्यूआई 297 दर्ज किया गया, जिसे ‘खराब’ श्रेणी में रखा जाता है. यह स्तर ‘बहुत खराब’ श्रेणी से महज चार अंक कम है. इससे एक दिन पहले रविवार को एक्यूआई 291 था, यानी 24 घंटे के भीतर इसमें छह अंकों की बढ़ोतरी दर्ज की गई. लगातार बढ़ता एक्यूआई यह संकेत दे रहा है कि राजधानी की हवा फिर से खतरनाक स्तर के करीब पहुंच रही है.
शाम चार बजे तक दिल्ली की हवा में पीएम 10 का औसत स्तर 216 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया, जबकि पीएम 2.5 का स्तर 125 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रहा. ये दोनों ही मानक सामान्य सीमा से लगभग दोगुने हैं. इसका मतलब है कि हवा में मौजूद सूक्ष्म कण सीधे लोगों के फेफड़ों और स्वास्थ्य पर असर डाल सकते हैं, खासकर बच्चों और बुजुर्गों पर.
वायु गुणवत्ता पूर्व चेतावनी प्रणाली के अनुसार, अगले दो दिनों तक हवा की रफ्तार आमतौर पर 10 किलोमीटर प्रति घंटे से कम रहने की संभावना है. कम गति की हवा के कारण प्रदूषक कण वातावरण में फंसे रहते हैं और उनका विसर्जन धीमा हो जाता है. इसके साथ ही ठंडे मौसम में प्रदूषण के स्रोतों में कोई खास कमी नहीं आती, जिससे स्थिति और बिगड़ जाती है.
दिल्ली के 20 इलाकों में एक्यूआई 300 से ऊपर दर्ज किया गया. सबसे खराब स्थिति पूसा क्षेत्र में रही, जहां एक्यूआई 344 तक पहुंच गया. नेहरू नगर में 339, मुंडका में 336, आनंद विहार में 332 और रोहिणी में 330 एक्यूआई दर्ज किया गया. इन सभी क्षेत्रों की हवा ‘बहुत खराब’ श्रेणी में रही, जिससे लोगों को सांस लेने में परेशानी हो सकती है.
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक हवा की रफ्तार नहीं बढ़ती या मौसम में कोई बड़ा बदलाव नहीं होता, तब तक प्रदूषण से राहत मिलना मुश्किल है. मौजूदा अनुमान के मुताबिक, दिल्ली की वायु गुणवत्ता ‘खराब’ से ‘बहुत खराब’ श्रेणी के बीच बनी रह सकती है. ऐसे में लोगों को सुबह-शाम बाहर निकलते समय सावधानी बरतने और स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी जा रही है.