CJP का विरोध प्रदर्शन समाप्त, तबीयत बिड़ने से पहले तक जमकर गरजे अभिजीत दिपके, भरपूर मिला छात्र-युवाओं का समर्थन
दिपके ने कहा कि जब मैं सुबह आईजीआई एयरपोर्ट पर उतरा तो विमान से उतरने से ठीक पहले मुझे लगा कि मैं अपनी आजादी का अंतिम पल जी रहा हूं.
कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि सरकार उनकी मांगों को पूरा करने के बजाय संगठन की सोशल मीडिया गतिविधियों पर ध्यान केंद्रित कर रही है. सीजेपी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांग रही है.
दिपके ने कहा कि लोग कहते हैं कि आंदोलन, धरना प्रदर्श और जुलूस निकालने से क्या होता है? इससे यह सिद्ध होता है कि हम जीवित हैं. सरकार के लिए हम कीड़े मकौड़े हो सकते हैं लेकिन हम जीवित हैं और अपने हक की लड़ाई लड़ने के लिए सक्षम हैं.
अचानक बिगड़ी अभिजीत की तबीयत
सीजेपी के विरोध प्रदर्शन के मद्देनजर दिल्ली में भारी संख्या में सुरक्षा बल तैनात किया गया था. भीषण गर्मी होने की वजह से अभिजीत दिपके की तबीयत बिगड़ गई. उन्हें तुरंत मंच से पीछे ले जाया गया लेकिन भीड़ ज्यादा होने की वजह से उन्हें पास ही की गाड़ी में बिठाया गया.
मेरी मां को डर था कि...
तबीयत बिगड़ने से पहले दिपके ने जंतर-मंतर से हुंकार भरते हुए कहा कि मेरी मां को बहुत डर था कि ये सरकार मुझे जेल में डाल देगी. इस देश की हर मां को ये डर होता है जब उनका बच्चा इस सरकार के खिलाफ आवाज उठाता है. आखिर कब तक हम इस सरकार से डर कर जिएंगे. भीषण गर्मी में भी बड़ी संख्या में युवा अभिजीत का समर्थन करने जंतर-मंतर पहुंचे.
'दोस्तों यह एक लंबा संघर्ष है'
प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए दिपके ने कहा कि दोस्तों यह एक लंबा संघर्ष है. उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग शुरू हुए एक महीना हो गया लेकिन ये लोग इतने बेशर्म हैं कि कार्रवाई करने के बजाय अन्य कामों में लगे हुए हैं जैसे हमारे अकाउंट हैक करना और हमारी पोस्ट डिलीट करना. आप हमारी पोस्ट डिलीट कर सकते हैं लेकिन आप हमें इस जगह से मिटा नहीं सकते.
मैं अपनी आजादी का अंतिम पल जी रहा है
दिपके ने विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के लिए कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का धन्यवाद दिया. उन्होंने कहा कि जब सुबह मैं आईजीआई एयरपोर्ट पर उतरा तो विमान से उतरने से ठीक पहले मुझे लगा कि मैं अपनी आजादी का अंतिम पल जी रहा हूं. दिपके ने कहा, 'मैं इस उद्देश्य की खातिर अपनी आजादी का बलिदान देने के लिए पूरी तरह तैयार हूं.'
इस देश का छात्र-युवा नहीं बिका
अभिजीत ने कहा कि कई लोगों ने जेल जाने के डर से समझौता कर लिया है औ खुद को बेच दिया है लेकिन इस देश का युवा और छात्र नहीं बिका. बता दें कि विरोध प्रदर्शन में सैकड़ों की संख्या में लोग शामिल हुए जिनमें से ज्यादातर छात्र और युवा थे. कई स्कूली छात्र अपने माता-पिता के साथ प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे थे.
क्या थी सीजेपी की मांगें
इस विरोध प्रदर्शन के जरिए सीजेपी राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE), सामान्य विश्वविद्यालय प्रवेश परीक्षा (CUET) और कर्मचारी चयन आयोग (SSC) सहित विभिन परीक्षाओं और भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के लिए जवाबदेही की मांग कर रहा है.